
महिलाओं से रोडवेज में आधा तो लो-फ्लोर में 70 फीसदी वसूल रहे किराया
जयपुर. एक ओर जहां केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास करवाकर राजनीति में महिलाओं का कद बढ़ा रही है। दूसरी ओर हालात यह है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में किराए में राहत देने के नाम पर सरकारें महिलाओं के साथ दोहरा बर्ताव कर रही हैं। उन्हें आधी-अधूरी रियायत ही मिल रही है। ट्रेनों में महिलाओं को दी जाने वाली सुविधा खत्म कर दी गई तो वहीं राजधानी में लो-फ्लोर में सफर करने वाली महिलाओं को रोडवेज की तुलना में ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
रेलवे: 50 फीसदी कम लगता था किराया, अब बंद
ट्रेनों में सफर करने वाली 58 वर्ष व उससे अधिक उम्र की महिलाओं को सीनियर सिटीजन कोटे में 50 फीसदी तक किराए में छूट मिलती थी। राजस्व में नुकसान को देखते हुए रेलवे ने मार्च 2020 में इस सुविधा को बंद कर दिया था।
बस: लो फ्लोर में देना पड़ रहा ज्यादा किराया
रोडवेज बसों में किराए में महिलाओं को 50 फीसदी की छूट दी गई है। दूसरी ओर लो फ्लोर बसों में महिलाओं से 70 फीसदी किराया वसूला जा रहा है। इस बार रक्षाबंधन और महिला दिवस पर भी महिलाओं को लो-फ्लोर बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा नहीं दी गई, जबकि रोडवेज में इस सुविधा का हजारों महिलाओं ने लाभ उठाया।
रोजाना हजारों महिलाएं आती राजधानी
रोजाना हजारों महिलाएं बगरू, मुहाना, चौमूं आदि स्थानों से कामकाज या खरीदारी के लिए राजधानी आती हैं। अधिकांश महिलाएं लो-फ्लोर बसों की जगह रोडवेज बसों से सफर करना पसंद करती है, क्योंकि रोडवेज में लो-फ्लोर की तुलना में किराया कम है। हालांकि रोडवेज बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद महिलाएं रोडवेज की बसों को ही प्राथमिकता दे रही हैं।
रोडवेज की तरह लो फ्लोर बसों में भी महिलाओं से 50 फीसदी ही किराया लिया जाए। बड़ी संख्या में महिलाएं इस सुविधा से वंचित हो रही है।
-मीनाक्षी, हीरापुरा
ट्रेनों में बुजुर्गों को किराए में 50 फीसदी रियायत की सुविधा फिर शुरू करे। जिससे बुजुर्ग महिलाओं को राहत मिल सके।
-माया देवी, वैशालीनगर
Published on:
22 Sept 2023 12:49 am
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