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सांचोर में महिला कांस्टेबल की आत्महत्या मामले पर कटारिया और बेनीवाल ने कही यह बात

जालोर जिले के सांचोर पुलिस थाना में तैनात महिला कांस्टेबल गीता बिश्नोई की आत्महत्या के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और खींवसर से विधायक हनुमान बेनीवाल को बयान आया है।
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geeta Vishnoi suicide

जयपुर। जालोर जिले के सांचोर पुलिस थाना में तैनात महिला कांस्टेबल गीता बिश्नोई की आत्महत्या के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और खींवसर से विधायक हनुमान बेनीवाल को बयान आया है।

गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पिछले दो माह का रिकॉर्ड देखें तो प्रदेशभर में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। सभी प्रकार के अपराधों में वृद्धि हुई है। कटारिया ने कहा कि सांचोर पुलिस थाने में तैनात महिला कांस्टेबल गीता बिश्नोई को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने पर आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि जब थाने में महिला कांस्टेबल ही सुरक्षित नहीं तो आम महिला कैसे होगी सुरक्षित।

कटारिया ने कहा, भरतपूर में बिजली का बिल जमा न होने पर कुम्हेर थाने का कनेक्शन कटा तो पुलिस अभियंता के साथ मारपीट की और उन्हें ही थाने में बंद कर दिया। उदयपुर में आए दिन हत्याएं एवं जानलेवा हमले हो रहे है लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाय मुकदर्शक बनी हुई है।

मामले की निष्पक्ष जांच हो
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि महिला कांस्टेबल गीता बिश्नोई प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर लेने का मामला गंभीर है जो सिस्टम की संवेदहीनता को उजागर करता है। इस प्रकरण में सरकार और उच्च अधिकारी निष्पक्ष जांच करवाकर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलवाये।

यह था मामला
बता दें कि महिला कांस्टेबल गीता बिश्नोई ने गुरुवार रात पुलिस क्वार्टर में पंखे से लटककर जान दे दी थी। मृतका मरने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा। जिसमें उसने सांचौर थाना प्रभारी पुष्पेंद्र वर्मा व साथी महिला कांस्टेबल केलम बिश्नोई पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है।

यह लिखा था सुसाइड नोट में
गीता की ओर से लिखा गया सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इसमें उसने बेहद भावुकतापूर्ण भाषा का प्रयोग किया था। उसने पुलिस थाने में प्रताडऩा की बात बताते हुए लिखा था कि वह जिंदगी जीना चाहती हैए लेकिन वे उसे जीने नहीं देंगे।

उसने लिखा कि भाई, मां, पिताजी, इंदू, भगवती, सरला, प्रिय भानु, विष्णु, रोहित, इश्वर, मेरे सबसे प्यारी भांजी परीयांशु सबसे हाथ जोडकऱ क्षमा मांगती हूं। अब में नहीं जी सकती। मुझे फालतू में परेशान करते हैं।

सांचौर थाने में बैठे थानाधिकारी व थाने में बैठने वाली महिला कांस्टेबल केलम से परेशान हूं। यह मुझे जीने नहीं देंगे। मां मुझे माफ करना। सॉरी पापा मुझे माफ करना। मैं जीना चाहती हूं, किंतु मुझे जीने नहीं देंगे।