
जयपुर। मोदी सरकार के आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के जवाब में गहलोत सरकार ने नया दांव खेला है। विधानसभा के इसी सत्र में राज्य सरकार विधानसभा में 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण देने का बिल ला सकती है। इसके संकेत शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दिए। एक दिन पहले राज्य केबिनेट की बैठक में इस पर आम सहमति बन चुकी है।
सीएम अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी ने लंबे समय तक इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। बिल लोकसभा में पास हुआ, लेकिन राज्यसभा में अटक गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा है कि कांग्रेस शासित सभी राज्यों में इस प्रस्ताव को पारित किया जाए। पंजाब विधानसभा में यह कदम उठाया जा चुका है अब राजस्थान में इस दिशा में तैयारी हो गई है।
महिलाओं को राजनीति में मिलेगा मौका
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा के आधार राजस्थान विधानसभा में सरकार इस प्रस्ताव को लेकर आएगी। भाजपा ने 5 साल तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। इससे साबित होता है कि महिलाओं सशक्तिकरण को लेकर उनकी सोच क्या है।
इस कदम से ना केवल महिलाओं को राजनीतिक तौर पर आगे बढऩे का मौका मिलेगा, बल्कि सामाजिक तौर पर भी उनकी स्थिति और बेहतर और मजबूत हो सकेगी।
Published on:
18 Jan 2019 09:31 pm
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