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World Food Day 2022 : दुनिया को भूख से लड़ना सिखाता है ये दिन, इस साल की थीम भी है खास

पोषण युक्‍त खाने की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और कुपोषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 'वर्ल्ड फूड डे' मनाने की शुरुआत 16 अक्टूबर 1945 को हुई। फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन(FAO) संयुक्त राष्ट्र की एक खास एजेंसी है।

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कीर्ति वर्मा /पत्रिका

पोषण युक्‍त खाने की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और कुपोषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 'वर्ल्ड फूड डे' मनाने की शुरुआत 16 अक्टूबर 1945 को हुई। फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन(FAO) संयुक्त राष्ट्र की एक खास एजेंसी है। FAO का उद्देश्य सभी के लिए आवश्यक खाद्य सुरक्षा हासिल करना है। यह दिन लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन पर भुखमरी मिटाने के लिए कई तरह के प्रोग्राम आयोजित किए जाते है। दुनिया भर के 150 देश के सदस्य देश मिलकर विश्व खाद्य दिवस मनाते है और इस दिन का उद्देश्य यही है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सभी लोगों को 2 समय की रोटी नसीब हो।

इस बार थीम है खास
हर साल इस दिन के लिए थीम राखी जाती है। इस बार वर्ल्ड फूड डे की थीम है- Leave No One Behind यानी किसी को पीछे न छोड़ें।

क्यों मनाना जरुरी है यह दिन
प्रत्येक व्यक्ति को जीवन जीने के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की जरुरत होती है। ऐसे में उसे दिन भर का पर्याप्त भोजन मिलना चाहिए। कुपोषित और भुखमरी को के प्रति लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। भुखमरी और गरीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह खास दिवस मनाया जाता है। इसक उद्देश्य लोगों को यह भी समझाना है कि भोजन एक बुनियादी जरूरत और मानवों का मौलिक अधिकार भी। दुनियाभर में ऐसे करोड़ो लोग है जो रात में बिना खाना खाये सोते है। लोगों को भूखा न सोना न पड़े इसलिए इस दिन को मनाना जरुरी है।


भारत हंगर इंडेक्स में 2020 से लेकर 2022 तक 6 रैंक पिछड़ा
भारत के लिए यह अच्छी खबर नहीं है कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 6 रैंक गिरकर 107 वे नंबर पर आ गया है। भारत के पड़ौसी देश बांग्लादेश पाकिस्तान, और नेपाल की स्थिति आज भारत से कई गुना अच्छी है।

2019 में भारत को 102वां स्थान मिला था। 2021 में भारत को 101 रैंकिंग दी गई थी। अफगानिस्तान की स्थिति 109वीं रैंक है, जो कि भारत से कमजोर स्थिति है।

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एक व्यक्ति की डेली डाइट में शामिल होने चाहिए यह पोषक तत्व :-
प्रोटीन - प्रोटीन शरीर में सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है। प्रोटीन सेल्स को रिपेयर करने का काम करता है। यह शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करने के लिए एंटीबॉडीज के निर्माण में मदद करता है। प्रोटीन मसल्स के लिए एक बिल्डिंग ब्लॉक की तरह काम करता है। इसीलिए जो लोग मसल्स बनाने के लिए वर्कआउट करते हैं, उन्हें प्रोटीन सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है ताकि वर्कआउट के बाद उनका शरीर मसल्स को रिपेयर करके बिल्ड कर सके।

इन चीजों से मिलता है भरपूर प्रोटीन
दाल और बीन्स
नट्स और ड्राय फ्रूट्स
अंडा
सूरजमुखी और कद्दू के बीज
पनीर
पीनट बटर

फाइबर : फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसमें पोषण तो काफी कम होता है लेकिन यह पाचन संबंधी प्रक्रियाओं को संचालित करने में काफी मदद करता है। यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने का काम करता है। यह ब्लड शुगर तथा डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है।


इनमें फाइबर की अच्छी मात्रा
हरी पत्तेदार सब्जियों ,सेब, पपीता , अंगूर, टमाटर, प्याज, छिलके वाली दालों, सलाद, शकरकंद

विटामिन्स : बॉडी के संपूर्ण विकास के लिए विटामिन की जरूरत होती है। शरीर में विटामिन की कमी होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट होने लगती है। विटामिन और पोषक तत्वों की कमी के कारण कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। हरी सब्जियां, पालक, गाजर, पपीता संतरा, नींबू,अमरुद,सोयाबीन, दूध, दही चिकन, फिश, और पनीर शामिल करें.

कैल्शियम : शरीर में मिनरल्स के लिए कैल्शियम बहुत जरुरी है । शरीर के विकास के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी तत्व माना गया है। दूध, छाछ , पनीर अच्छे स्त्रोत है।

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