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जयपुर। दुनियाभर में 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। लोग अपने खान पान को लेकर जागरूक रहे। पौष्टिक चीजों का सेवन करें और स्वस्थ रहें। इसे लेकर खाद्य दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य, खाद्य व अन्य विभागों की ओर से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन होता है। जिसमें लोगों को बताया जाता है कि वह अगर बीमारियों से बचना चाहते है तो सबसे पहले अपने खान पान पर ध्यान दे।
राजस्थान की बात करे तो यहां खाद्य सामग्री में जमकर मिलावट होती है। राज्य सरकार की ओर से मिलावटखोरी को रोकने के लिए प्रयास भी किए जाते है। कभी छापेमार कार्रवाई की जाती है। मिलावटखोरी रोकने के लिए राज्य सरकार की ओर से ईनामी योजना लाई गई। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान- मुखबिर योजना 2022 लागू की गई थी। जिसमें मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने या विक्रय करने वाले के संबंध में सूचना देने वाले व्यक्ति को 51 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाना है। लेकिन सरकार की यह योजना भी कारगर साबित नहीं हो रही है। क्योंकि इस तरह की योजनाएं पहले भी लागू की गई थी। वह भी फेल हो गई थी और ये योजना भी फेल होने की कगार पर है।
मिर्च—मसाला, तेल आदि सब मिलावटी..
वर्तमान में खाद्य सामग्री की शु्द्धता व गुणवता पर सवाल इसलिए खड़े होते है। क्योंकि आज हर खाने वाली खाद्य सामग्री मिलावटी होती है। बात चाहे दूध, मावा, मिठाई, पनीर की करे या मिर्च, हल्दी व धनिया आदि मसालों की। हर तरीके से खाद्य सामग्री में जमकर मिलावट हो रही है। बाजार में मिलने वाली खुली मिर्च में खूब मिलावट होती है। कई बार मिर्च में लाल रंग, लाल ईंट या कबेलू का बारीक पीस कर भी मिला दिया जाता है। मार्केट में मिलने वाली लाल मिर्च में कलर काफी मिला रहता है। बाजार में मिलने वाले हल्दी पाउडर में भी अक्सर मिलावट पाई जाती है। हल्दी में रसायन की मिलावट की जाती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारी का खतरा रहता है। इसके साथ ही आटे की चापड़ को पीसकर उसमें कलर मिलाकर नकली धनिया व अन्य नकली मसाले बाजार में बेचे जा रहे है।
गंभीर बीमारियों का बढ़ा खतरा..
आज के समय में हर चीज में मिलावट है। ऐसे मे मिलावट का असर शरीर पर हो रहा है। लोग बीमारियों के शिकार हो रहें है। मिलावटी खाद्य सामग्री के सेवन से कैंसर, दिमागी बुखार, हृदयरोग, उच्च रक्तचाप, त्वचा संबंधी रोग होने का खतरे के साथ पथरी, लीवर और किडनी जैसी जानलेवा बीमारियो के शिकार हो रहे है। डॉक्टर्स का कहना है कि लोगों को खान पान को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। गलत खान पान से स्वास्थ्य पर खासा असर होता है। इसलिए खान पान में शुद्धता का विशेष ख्याल रखना चाहिए।
सिर्फ होली— दिवाली चलते है विशेष अभियान..
मिलावटखोरी को रोकने के लिए सरकार की ओर से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जाता है। लेकिन इस अभियान का कोई असर नहीं होता है। होली— दिवाली पर मिलावट रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष अभियान चलाए जाते है। इस दौरान खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाईयां होती है। इसके बाद फिर सब सामान्य हो जाता है।
सरकार की ओर से किए जाने वाले प्रयास..
केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्य किया जाता है। सरकार की ओर से यह प्रयास किए जाते है कि सभी लोगों को पौष्टिक भोजन मिले। इस कानून के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली मिड डे मील तथा आंगनवाड़ी से संबंधित कार्यक्रमों को एक साथ कर दिया गया है। लाभार्थी परिवारों की पहचान की जिम्मेदारी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई है। ताकी जरूरतमंदों को समय पर भोजन मिल सके। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत स्वास्थ्य विभाग इसकी मॉनिटरिंग करता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलों में अधिकारी नियुक्त किए जाते है। जो मिलावट को रोकने का कार्य करते है।
Published on:
16 Oct 2023 01:49 pm
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