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वर्ल्ड म्यूजियम डे : म्यूजियम सिटी बन रहा हैं गुलाबीनगर

ट्यूरिज्म के साथ मुनाफे में भी हो रहा इजाफा

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वर्ल्ड म्यूजियम डे : म्यूजियम सिटी बन रहा हैं गुलाबीनगर

जयपुर . ट्यूरिज्म और अपने हेरिटेज के लिए विश्व में विख्यात जयपुर शहर को इसकी विभिन्न खासियतों के कारण पहचाना जाता है। इसमें मॉडर्न नगर बसावट, हेरिटेज मॉन्यसूमेंट्स, मेहमान नवाजी, जेम सिटी और उभरते हुए एज्यूकेशनल हब के रूप में पहचान मिली है। लेकिन बीते कुछ सालों की बात करें तो अब जैपर म्यूजियम सिटी के द्वप में भी डवलप हो रहा है। यहां अन्य शहरों के मुकाबले अलग-अलग म्यूजियम की एक लम्बी फेहरिस्त है। कुछ तो इनमें से हाल ही में शुरू हुए हैं। लेकिन उन्होंने बहुत कम समय में अपनी पहचान राज्य के पर्यटन कैलेंडर में बना ली है। ज्यादातर तो परम्परागत हैं लेकिन इन नए खुले म्यूजियम में युवाओं से लेकर देसी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का माद्दा है। वर्ल्ड म्यूजियम डे पर पेश है शहर के म्यूजियम पर ये खास रिपोर्ट...

जेम म्यूजियम का 'नवग्रह' खास

जेम सिटी के नाम से मशहूर जैपर शहर में ही जेम म्यूजियम न हो तो कुछ अजीब सा लगता है। साल भर पहले ही एमआई रोड स्थित कॉमर्स चैम्बर भवन में जेम एण्ड ज्वैलरी म्यूजियम खुला है। जेम एण्ड ज्वैलरी फेडरेशन की ओर से शुरू किए गए इस म्यूजियम में यूं तो नायाब स्टोंस और सेमी-प्रिशियस और प्रिशियस स्टोन, उनके बनने औा खासियतों से जुड़ी जानकारियां साझा की गई हैं लेकिन इसका मुख्य आकर्षण है इसका नवग्रह सेक्शन। इस सेक्शन में नवग्रह की संरचना के आधार पर बनने वाले स्टोंस और मूर्तियों को डिस्प्ले किया गया है। यहां आने वालों को इन रत्नों और उससे जुड़े ग्रह के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

विरासत और पाण्डुलिपियों का म्यूजियम

पिछले साल राजस्थान म्यूजिक विद्यालय में खुले किशनपोल बाजार के विरासत लेगेसी म्यूजियम में भी राजस्थानी संस्कृति को जीवंत करने के साथ आने वाली पीढिय़ों के लिए विरासत को सहेज के रखने का काम किया गया है। इसमें राजस्थान की सबसे बड़ी कठपुतली, पुराने स्टाइल के फाउण्टेन, खच्चर गाडिय़ां, रजवाड़ोंं के पुराने कपड़े और ऐसी ही अन्य नायाब वस्तुओं का संकलन है। वहीं आमेर रोड पर संजय म्यूजियम में भी सवा लाख पाण्डुलिपियों का संग्रह है। साथ ही पुराने ग्रंथ, औरंगजेब के हाथ की लिखी कुरान, पुराने तलों का शानदार कलेक्शन और ऐसी ही अन्य नायाब चीजों का संग्रह है। सबसे खास बात ये है कि ये सभी एक ही व्यक्ति की जीवन भर की जुटाई वस्तुओं से बना है।

वैक्स म्यूजियम का क्रेज

पिछले साल गर्मियों में शुरू हुए वैक्स म्यूजियम को लेकर युवाओं में दीवानगी देखते ही बनती है। यहां सेलीब्रिटी कोना, शीशमहल और सुपरहीरोज के वैक्स स्टेच्यू समेत करीब ३२ स्टेच्यू का संकलन है। जल्द ही यहां महेन्द्र सिंह धोनी का भी पुतला लगाया जाएगा। खुलने के साथ ही यह म्यूजियम दर्शकों का पसंदीदा बन गया है। नाहरगढ़ जैसी दुर्गम जगह पर होने के बावजूद इसमें रोज सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं।

ये म्यूजियम भी खास

- अल्बर्ट हॉल
- सिटी पैलेस
- जू का म्यूजियम
- पांच बत्ती स्थित म्यूजियम
- जीपीओ का डाक म्यूजियम
- जंतर-मंतर का हेरिटेज म्यूजियम