
गुढ़ाचंद्रजी. श्रावणी पूर्णिमा पर शुक्रवार को गढ़मोरा स्थित प्राचीन कुंड में विप्रजनों ने श्रावणी कर्म किया। इस दौरान यज्ञोपवीत संस्कार भी हुआ। पंडित दीनदयाल शर्मा के सानिध्य में करीब एक दर्जन विप्रजनों ने नई जनेऊ धारण कर ऋषियों की पूजा की। इसके बाद कुंड में पितरों को तर्पण किया। विप्रजनों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामना दी।
आचार्य पंडित दीनदयाल शर्मा ने बताया कि अनादि काल से रक्षाबंधन के अवसर पर श्रावणी कर्म की परंपरा चली आ रही है। इस दौरान नई जनेऊ धारण कर ऋषियों और संत-महात्माओं की पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि श्रावणी कर्म के माध्यम से सनातन परंपराओं का पालन किया जाता है।
फोटो -गुढ़ाचंद्रजी. गढ़मोरा गांव स्थित पवित्र कुंड परिसर में यज्ञोपवीत संस्कार के दौरान पूजा करते विप्रबंधु।
Updated on:
01 Sept 2026 02:46 pm
Published on:
29 Aug 2026 06:01 am
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