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Yashasvi Sarpanch: पंचायतों को पुरस्कार से मिली ऊर्जा, रचा विकास का इतिहास

लोंगवाला (हनुमानगढ़), गोठड़ा (बूंदी), आवां (टोंक) और झालावाड़ जिले की लायफल जैसी कई ग्राम पंचायतों ने विकास की नई इबारत लिखी है, जो ग्रामीण भारत के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।

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फोटो: पत्रिका

यशस्वी सरपंच अभियान: राजस्थान पत्रिका और सीमेंट अल्ट्राटेक की अनूठी पहल यशस्वी सरपंच को एक साल पूरा हो गया है। उत्कृष्ठ कार्य करने वाले सरपंचों को एक साल पहले राज्य और संभाग स्तर पर पुरस्कृत किया गया था। इसके बाद सरपंचों ने पूरे साल उत्साह से विकास कार्य किए पुरस्कृत सरपंचों से प्ररेणा लेकर अन्य सरपंचों ने भी विकास की नई राह चुनी।

पुरस्कृत सरपंचों के साथ अन्य कई ग्राम पंचायतें भी विकास के विजन को लेकर आगे बढ़ रही है। लोंगवाला (हनुमानगढ़), गोठड़ा (बूंदी), आवां (टोंक) और झालावाड़ जिले की लायफल जैसी कई ग्राम पंचायतों ने विकास की नई इबारत लिखी है, जो ग्रामीण भारत के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं। कई ग्राम पंचायतें अब स्मार्ट विलेज की अवधारणा को साकार करने की ओर अग्रसर हैं।

आधुनिक उप स्वास्थ्य केंद्र, स्मार्ट क्लास, ओपन जिम, सीसीटीवी, पार्क, खेल मैदान और बस स्टैंड जैसी सुविधाएं गांव को नई पहचान दे रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण किया जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।

पंचायत अब स्टेडियम और कचरा प्रबंधन जैसी योजनाओं पर काम कर रही हैं। सीकर जिले की सिरोही ग्राम पंचायत के निवासी महेंद्र गेनन ने बताया कि अब सिरोही में सफाई, पानी और सड़क की समस्या लगभग खत्म हो गई है।

पंचायत परिसर हरियाली और स्वच्छ पेयजल से सुसज्जित है, जिससे गर्व और सामुदायिक भागीदारी की भावना बढ़ी है। बीकानेर जिले की मोमासर ग्राम पंचायत के निवासी लिछमण राम सुथार ने कहा, ग्राम पंचायत सरपंच और उपसरपंच दोनों मिलकर ग्राम पंचायत के विकास में जुटे हुए है। हमारे सरपंच का सम्मान करने से ग्राम पंचायत सहित ग्रामीणों का भी मान बढ़ा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।