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42 देशों में येलो फीवर का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए ये आदेश

दुनियाभर में 42 देशों में येलो फीवर का खतरा मंडरा रहा है।

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42 देशों में येलो फीवर का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए ये आदेश

42 देशों में येलो फीवर का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए ये आदेश

जयपुर। दुनियाभर में 42 देशों में येलो फीवर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में उन देशों की यात्रा करने से पहले येलो फीवर की वैक्सिन लगाना जरूरी है। इस वैक्सिन के लगने के बाद ही उन देशों की यात्रा की जा सकती है। राजस्थान में अब दो सेंटर्स को येलो फीवर की वैक्सिन के लिए चयन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डॉ रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जयपुर स्थित आरयूएचएस हॉस्पिटल और जोधपुर स्थित एम्स में येलो फीवर की वैक्सिन लगाई जाएगी। इसके अलावा दूसरी जगह वैक्सिन लगाई गई तो उसे अमान्य माना जाएगा।

यात्रा से पहले वैक्सीनेशन अनिवार्य

अफ्रीका, केन्या, अल्जीरिया, घाना, नाइजीरिया, इथोपिया, सूडान, लीबिया और युगांडा समेत कई देशों की यात्रा पर जाने से पहले येलो फीवर का टीका लगवाना जरुरी होता है। वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही इन देशों की यात्रा का वीजा मिलता है। एक बार डोज लगने के बाद दस साल तक दूसरी डोज की जरुरत नहीं पड़ती है।

क्या है येलो फीवर

यह एक प्रजाति के मच्छर से (येलो फीवर यानि पित्त ज्वर) फैलता है। रोग के नाम में येलो शब्द पीलिया की ओर संकेत करता है जो कुछ रोगियों को प्रभावित करता है। इसमें बुखार, सिर दर्द, मुंह, नाक, कान और पेट में रक्त स्राव, पीलिया समेत कई लक्षण देखे जाते हैं।