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12 दिवसीय शिविर संपन्न, की चिकित्सा जांच

पोकरण. क्षेत्र के लवां गांव में उरमूल सेतु संस्थान की ओर से ओएनजीसी व प्लान इंडिया के सहयोग से संचालित न्यूट्रेशन फॉर लाइफ परियोजना के तहत आयोजित 12 दिवसीय स्नेह शिविर का सोमवार को समापन किया गया।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 1 Dec 2020, 9:39 AM IST

12 दिवसीय शिविर संपन्न, की चिकित्सा जांच

12 दिवसीय शिविर संपन्न, की चिकित्सा जांच

पोकरण. क्षेत्र के लवां गांव में उरमूल सेतु संस्थान की ओर से ओएनजीसी व प्लान इंडिया के सहयोग से संचालित न्यूट्रेशन फॉर लाइफ परियोजना के तहत आयोजित 12 दिवसीय स्नेह शिविर का सोमवार को समापन किया गया। लवां गांव के आंगनबाड़ी केन्द्र में 12 दिनों तक आयोजित हुए शिविर में कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन नाश्ता, विभिन्न प्रकार की रेसिपी बनाकर टिफिन के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाने का कार्य किया गया। साथ ही आवश्यक दवाइयां भी दी गई। शिविर के दौरान चिकित्सकों की टीम ने रैफर कार्ड बनाए और दवाइयां उपलब्ध करवाई, ताकि बच्चों में फैले कुपोषण को सुपोषण में बदला जा सके। स्नेह शिविर के समापन पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वयक डॉ.भीखाराम पंवार ने बच्चे के जीवन में पांच प्रारंभिक वर्षों तक पोषण में विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसका असर पूरे जीवन में विकास व प्रगति पर पड़ता है। कुपोषण के कारण बच्चों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास पर प्रभाव पड़ता है। साथ ही संक्रमण व जोखिम का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों में सामान्य पोषण वाले बच्चों की तुलना में दस्त, निमोनिया, मृत्यु व अन्य बीमारियों का खतरा भी अधिक रहता है। गर्भधारण से जीवन के पहले दो वर्षों में प्राप्त पोषण का सीधा प्रभाव विकास व वृद्धि पर पड़ता है। कार्यक्रम के डॉ.चंद्रप्रकाश ने बताया कि उनकी टीम की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों व विद्यालयों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करती है। बच्चों में जन्मजात किसी भी तरह की बीमारी होने पर उसका नि:शुल्क उपचार किया जाता है। इस मौके पर उरमूल सेतु संस्थान के गेरसाव प्रमिला चौधरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधिकादेवी, गीता, रानीदेवी, आशा सहयोगिनी रजिया व सुशीला आदि उपस्थित थे।