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अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 132 बेड्स की व्यवस्था

-कोरोना पॉजिटिव वार्ड में कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना की हिदायत-जिला कलक्टर ने किया जवाहिर चिकित्सालय का निरीक्षण

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अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 132 बेड्स की व्यवस्था

अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए 132 बेड्स की व्यवस्था

जैसलमेर. कोविड.19 की दूसरी लहर में जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला कलक्टर आशीष मोदी ने मंगलवार को जवाहिर चिकित्सालय का निरीक्षण किया और कोविड प्रबंधन व्यवस्थाओं के साथ ही कोराना पॉजिटिव मरीजों के उपचार के लिए संचालित कोरोना डेडीकेट वार्ड और उपचार व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ जेआर पंवार ने बताया कि जिला अस्पताल में कोरोना डेडीकेटेड वार्ड में 132 बैड्स की व्यवस्था कर दी गई है और मरीजों को समुचित उपचार किया जा रहा है तथा बैड्स पर ही ऑक्सीजन की उपलब्धता हो रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना सेम्पल जांच देने वाले मरीजों के छाया के लिए टेन्ट लगा दिया है एवं सामाजिक दूरी की भी पालना करवाई जा रही है।
अटेन्डेन्ट का प्रवेश वर्जित रखें
जिला कलक्टर के निरीक्षण के दौरान कोरोना पॉजिटिव डेडीकेटेड वार्ड में मरीजों के साथ उनके परिजन भी आ रहे थे, वहीं कोरोना प्रोटोकॉल की पालना भी प्रभावी ढंग से नही देखी गई। उन्होंन स्थिति को गंभीरता से लिया और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को हिदायत दी कि वे कोरोना पॉजिटिव डेडीकेटेड वार्ड में कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करें और मरीज के साथ उसके परिजन को भी किसी भी सूरत में इस वार्ड में प्रवेश नहीं होने दे। इसके साथ ही इस डेडीकेटेड वार्ड के लिए प्रवेश की एंट्री केवल एक ही दरवाजे से हो और यहां पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात करने, मेडिकल स्टाफ प्रोटोकॉल की पालना करते हुए मरीज के उपचार की व्यवस्था करने एवं इस वार्ड में उच्च स्तरीय सफाई व्यवस्था रखने की भी हिदायत दी।
एक ही हो प्रवेश द्वार, सुरक्षा गार्ड रहे तैनात
उन्होंने कोरोना पॉजिटिव वार्ड के प्रवेश द्वार पर कर्मचारी लगाकर शिकायत पंजिका का संधारण करने, उसमें परिजनो के संबंध में जो भी लोग समस्या बताए उसको दर्ज करने, आपातकाल की स्थिति में मरीज के लिए अटेन्डेंट की अति आवश्यकता हो, उसके लिए पास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सालय में कोविड प्रबंधन के लिए लगाए गए जिला रसद अधिकारी को कहा कि वे तीन चार बार अस्पताल का राउण्ड लेकर इन व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की चैन को रोकने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से लागू करना जरूरी है। उन्होंने इन वार्डों में मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सकों द्वारा दो तीन राउण्ड लेकर व्यवस्था करने की बात कही।
ये थे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला कोविड प्रभारी एवं यूआईटी के सचिव अनुराग भार्गव, जिला अस्पताल में कोविड प्रबंधन की व्यवस्था के लिए लगाए गए जिला रसद अधिकारी जबरसिंह चारण, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेआर पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी, नगरपरिषद के आयुक्त शशिकांत शर्मा, समाजसेवी हरीश धनदे, कंवराजसिंह चौहान भी साथ में थे।