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160 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना वर्षों से अटकी,ऊर्जा विभाग ने निजी कंपनी पर डाली जिम्मेदारी

जैसलमेर जिले के रामगढ़ स्थित गैस आधारित विद्युत गृह में 160 मेगावाट विद्युत उत्पादन की चौथी इकाई पिछले कई वर्षों से लम्बित है और प्रदेश का ऊर्जा विभाग इसे लेकर ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहा। इस इकाई से उत्पादन शुरू करने के लिए साल 2012-13 में करीब 300करोड़ रुपए की मशीनरी राज्य सरकार ने खरीद रखी है। उनका उपयोग नहीं हो पा रहा, और वे जंग खा रही है।

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160 MW power generation plan stalled Ramgarh Gas Thermal Power station

160 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना वर्षों से अटकी,ऊर्जा विभाग ने निजी कंपनी पर डाली जिम्मेदारी

जैसलमेर. जैसलमेर जिले के रामगढ़ स्थित गैस आधारित विद्युत गृह में 160 मेगावाट विद्युत उत्पादन की चौथी इकाई पिछले कई वर्षों से लम्बित है और प्रदेश का ऊर्जा विभाग इसे लेकर ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहा। इस इकाई से उत्पादन शुरू करने के लिए साल 2012-13 में करीब 300करोड़ रुपए की मशीनरी राज्य सरकार ने खरीद रखी है। उनका उपयोग नहीं हो पा रहा, और वे जंग खा रही है। ऊर्जा विभाग इसे लेकर कितना गंभीर है, इसका पता इसी तथ्य से लगता है कि जैसलमेर के पूर्व विधायक गोवर्द्धन कल्ला ने पांच माह पहले मुख्यमंत्री को जो पत्र लिखा था, उसका जवाब विभाग ने अब भिजवाया है। इसमें भी विभाग ने एक निजी कम्पनी पर गैस के भाव अधिक वसूले जाने को उत्पादन शुरू नहीं होने के लिए एक तरह से जिम्मेदार ठहराया है।
273.5 मेगावाट उत्पादन की क्षमता
जानकारी के अनुसार रामगढ़ जीटीपीपी में मौजूदा समय में 5 टरबाइनों से 273.5 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है। अगर 2012 में स्थापित की गई चौथी इकाई से उत्पादन शुरू हो जाए तो इस संयंत्र की क्षमता 433.5 मेगावाट तक हो सकती है, लेकिन 300 करोड़ की मशीनरी खरीदे जाने के बावजूद ऐसा नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में प्राकृतिक गैस का दोहन करने वाली सरकारी कम्पनी ओएनजीसी ने निजी कम्पनी फोकस एनर्जी को यह कार्य सौंपा हुआ है। जो अधिकाधिक मुनाफा कमाने के लिए गैस के भाव बढ़ा रही है। पूर्व विधायक को दिए जवाब में ऊर्जा विभाग ने भी कहा कि फोकस एनर्जी की ओर से प्रस्तावित गैस के मूल्य पर उत्पादित होने वाली बिजली की दरें अधिक होने के कारण राजस्थान डिस्कॉम ने बिजली की खरीद करने में असमर्थता जताई है।

मुख्यमंत्री को पुन: पत्र लिखा
रामगढ़ जीटीपीपी की चौथी इकाई से विद्युत उत्पादन शुरू करवाने के लिए एक बार फिर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। ऊर्जा विभाग द्वारा इस परियोजना का सारा दारोमदार एक निजी कम्पनी पर डाला जा रहा है, जो उचित नहीं। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि वे विस्तार योजना को आगे बढ़ाने की कार्रवाई कराएं।
- गोवर्द्धन कल्ला, पूर्व विधायक, जैसलमेर