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कोरोना के सताए 287 बच्चों को मिलेगा सम्बल

-प्रभावित बालक-बालिकाओं को मिलेगी सरकारी सहायता-जिले में पालनहार योजना से लाभान्वित करने के लिए सर्वे
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 27 Jun 2021, 12:49 PM IST

कोरोना के सताए 287 बच्चों को मिलेगा सम्बल

कोरोना के सताए 287 बच्चों को मिलेगा सम्बल


जैसलमेर. कोरोना की दूसरी लहर ने सीमावर्ती जैसलमेर को झकझोरने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार कम से कम 106 जनों की जिंदगी कोरोना ने लील दी। इनमें कई जनों के नाबालिग बच्चे अनाथ हो गए। ऐसे अनाथ और विधवा माता के बच्चों के लिए राज्य सरकार सम्बल बनकर सामने आई है। पालनहार योजना के तहत ऐसे बालक-बालिकाओं को सहायता प्रदान की जाएगी। जैसलमेर जिले में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार ऐसे बच्चों का सर्वे किया जा चुका है और शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 287 बच्चे इस योजना के तहत लाभान्वित करने के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें अब तक 84 बच्चों की ओर से योजना में सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भिजवाए गए हैं।
यहां इतने बच्चे
जानकारी के अनुसार प्रशासन के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों के प्रधानाचार्योंए ग्रामसेवकों और पटवारियों के अलावा विकास अधिकारियों को संबंधित उपखंड अधिकारी के निर्देशन में सर्वे कार्य करवाया गया। जिसमें सम पंचायत समिति में 63, जैसलमेर में 46, फतेहगढ़ में 35, भणियाणा में 34, मोहनगढ़ में 33, सांकड़ा में 30 और नाचना में 4 बच्चों के अलावा जैसलमेर नगरपरिषद क्षेत्र में 18 व पोकरण नगरपालिका क्षेत्र में 24 बच्चों को पालनहार योजना से जोड़ा जाना है। इनकी ओर से पालनहार पोर्टल पर पंचायत समिति सम में 19, सांकड़ा में 24, जैसलमेर में 11, मोहनगढ़ में 14, फतेहगढ़ में 9 और भणियाणा में 7 कुल 84 आवेदन किए जा चुके हैं। जैसलमेर नगरपरिषद व पोकरण नगरपालिका के साथ नाचना समिति की ओर से एक भी बच्चे का ऑनलाइन आवेदन अब तक नहीं करवाया गया है।
आवेदन करवाने को कहा
जिले के सभी अनाथ एवं विधवा माता के बच्चों के ऑनलाइन आवेदन करवाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से उपखंड अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जिसमें बताया गया कि संबंधित पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को वे अपने स्तर पर निर्देशित कर आवेदन करवाएं, ताकि सभी बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। योजना के आवेदन में जनाधार अथवा आधार कार्ड बनाए जाने में तकनीकी समस्या आने पर उपनिदेशक डीओआइटी से सम्पर्क करने की सलाह दी गई है।