
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की अगुआई में जिले के बईया गांव में ओरण-गोचर जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने और निजी कम्पनी को तब तक काम नहीं करने देने के संबंध में चल रहे आंदोलन के बीच पुलिस ने शिव विधायक के खिलाफ झिनझिनयाली थाने में भारतीय न्याय संहिता की विविध धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
भाटी के खिलाफ बीएनएस की धारा 221, 224 और 132 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं राजकार्य में बाधा डालने और मार्ग अवरुद्ध किए जाने के संबंध में लगाई गई हैं। रविंद्र सिंह भाटी के विधायक होने के कारण इस मामले की जांच सीआईडी-सीबी करेगी।
गौरतलब है कि बईया गांव में गत शुक्रवार को भाटी ने दो ग्रामीणों को पुलिस की गाड़ी से उतरवा दिया था। उसके बाद शनिवार को यह मामला दर्ज किया गया। शनिवार को ही जिला प्रशासन के साथ जैसलमेर में शिव विधायक की वार्ता विफल हो गई थी।
पुलिस की तरफ से मामला दर्ज किए जाने के बाद शिव विधायक ने कहा कि पुलिस प्रशासन मुकदमों के जोर से जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। इस तरीके से जनता न डरी थी, न झुकी थी और न डरेगी। उन्होंने कहा कि सीआईडी-सीबी इस बात की भी जांच करें कि दो ग्रामीणों को किस आधार पर डिटेन किया गया? किस अधिकारी ने किसके कहने पर उन्हें डिटेन किया? भाटी ने कहा कि घटना के 48 घंटों बाद जयपुर और अहमदाबाद में बैठे सूट-पेंट वालों के इशारों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
शिव विधायक ने प्रशासन पर कम्पनियों के हाथों की कठपुतली होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे जनता के आशीर्वाद से यहां तक पहुंचे हैं और उसी जनता की लड़ाई को वे पूरी मजबूती से लड़ेंगे। 1 नहीं चाहे 10 मुकदमें दर्ज हो जाएं, वे न झुके थे और न ही झुकेंगे।
Updated on:
17 Nov 2024 09:01 pm
Published on:
17 Nov 2024 08:23 pm
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