
सीमावर्ती जैसलमेर की एक ढाणी में मिले बम का रविवार को सेना के बम निरोधक दस्ते ने निस्तारण किया। इस दौरान पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहा। सेना के जवानों ने बम को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसमें वायरिंग करने के बाद रिमोट के जरिए निस्तारित किया। विस्फोट से हुआ धमाका इतना तेज था कि, उसकी गूंज आसपास के 3-4 किलोमीटर तक सुनी गई और करीब 20 से 25 फीट ऊंचाई तक धूल व धुएं का गुबार उठा। बम के निस्तारण से आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उधर सीजफायर लागू होने के बाद भी जैसलमेर में शनिवार रात्रि करीब 11.32 से 11.39 बजे तक की अवधि में 5-6 धमाकों की आवाजें सुनी गई। ये आवाजें अपेक्षाकृत धीमी लेकिन गहरी थी। कई लोग घरों की छतों पर भी चढ़े लेकिन कहीं से रोशनी जैसी चीज नजर नहीं आई। गौरतलब है कि शनिवार तडक़े जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित इस ढाणी में जोरदार धमाके से वहां रहने वालों की नींद उड़ गई। इसका धमाका इतना तगड़ा था कि वहां 10 फीट चौड़ा और 2 फीट गहरा गड्ढा बन गया। धमाके की आवाज सुनकर लोग बाहर आए तो उन्हें पूरे इलाके में धुआं उठा हुआ नजर आया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने क्षेत्र को सील करते हुए सेना को जानकारी दी। सेना ने इस बम के पार्ट को आसपास के रेत के कट्टे रखवाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया था। रविवार को उसका निस्तारण कर दिया गया।इधर रविवार को जिले के एक गांव में एक हैंडग्रेनेड व कुछ कारतूस मिलने से सनसनी फैल गई। लोगों ने सदर थाना पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया। यह ग्रेनेड व कारतूस पुराने हैं। जिसमें कारतूसों पर जंग और ग्रेनेड पर पिन लगी हुई है। माना जाता है कि ये सेना के किसी युद्धाभ्यास के दौरान वहां छूट गए थे। इसकी जांच के लिए भी सेना को सूचित किया गया है।तेज धमाके के साथ उठा धूल व धुएं का गुबार...ढाणी में मिले बम का निपटारा
Updated on:
11 May 2025 08:18 pm
Published on:
11 May 2025 08:17 pm
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