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मेहमान अनजान, खुफिया एजेंसियां परेशान!
जैसलमेर. पाक सीमा से सटा खूबसूरत जैसलमेर जिला एक बार फिर सुर्खियों में है। तीन दिन पहले ‘वीजा ऑन अराइवल’ की शर्तों का उल्लंघन कर प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने पर पाक नागरिकों को गुरुवा को दस्तयाब किया गया, जिन्हें संयुक्त पूछताछ के बाद पाकिस्तान रवाना किया गया। इसके अगले दिन ही किले के पास ड्रोन उड़ाते चीनी नागरिक को पुलिस ने पकड़ लिया। वह बिना अनुमति के ड्रोन उड़ा रहा था। संयुक्त पूछताछ के बाद सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों ने संतुष्ट होने के बाद उसे मुक्त कर दिया। इससे पहले भी गड़ीसर पर ड्रोन उड़ाने सहित प्रतिबंधित क्षेत्रों में देसी-विदेशी मेहमानों के पहुंचने की घटनाएं सामने आ चुकी है। गत वर्ष में करीब एक दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। अधिकांश जांच में ऐसे मामलों में ‘अज्ञानता’ सामने आती हैं, लेकिन पूर्व में जासूस व संदिग्धों के पकड़े जाने की घटनाओं के बाद पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम उठाने को भी तैयार नहीं है। सबसे बड़ी समस्या विदेशी मेहमानों को जानकारी नहीं होने से सामने आ रही है। विश्व पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान बना चुकी स्वर्णनगरी शांत व सुकून वातावरण के साथ बेहतर लोकेशन होने से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र मानी जाती है। बावजूद इसके हकीकत यह भी है कि जैसलमेर के ड्रोन निषिद्ध क्षेत्र होने की जानकारी इन विदेशी पर्यटकों को अधिकांश मामलों में नहीं होने की बात सामने आ रही है। यही कारण है कि पूर्व में भी समय-समय पर विदेशी नागरिक ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ते रहे हैं।
...इसलिए है यहां सतर्कता जरूरी
-विगत वर्षों में हेरोइन व हथियारों की बरामदगी हो चुकी है, वहीं पाक जासूसों की गिरफ्तारियां हुई है।
-नहरी क्षेत्र में कृषि, मजदूरी व पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोग यहां निवास करते हैं।
-नियमों से बेपरवाह यहां सैकड़ों लोग प्रतिबंधित होने के बाद भी इन क्षेत्रों में हर दिन आवाजाही कर रहे हैं।
जिम्मेदारों को भी तय करनी होगी जिम्मेदारी
-ड्रोन निषिद्ध क्षेत्र होने की जानकारी पर्यटकों को संबंधित होटल, ट्रेवल एजेंट या गाइड को देनी होगी।
- प्रशासन को भी चाहिए कि वे सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंधित क्षेत्रों व ड्रोन निषिद्ध क्षेत्र होने की जानकारी दें।
-पर्यटन से जुड़ी संस्थाओं या एनजीओ को भी संचार माध्यमों से यह जानकारी प्रसारित करने की जरूरत है।
-चक आबादियां, जो उपनिवेशन तहसीलों में बसी है, वहां सामयिक रूप से हो सघन जांच अभियान।
-पुलिस की यहां रात्रि गश्त व्यवस्था और चेकिंग अभियान को प्रभावी बनाने की दरकार
-नहरी क्षेत्रों में अवैध वाहनों की तलाशी के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत
-छितराई व सघन रूप से बसी बस्तियों में हर व्यक्ति का सत्यापन किया जाना आवश्यक
यह है प्रतिबंध का बंधन
-प्रतिबंधित क्षेत्र में जैसलमेर जिले के आठ थाना क्षेत्रों के करीब 350 गांव शामिल
-क्रिमीनल संशोधन एक्ट 1996 के तहत अधिसूचित थाना क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के लिए अनुमति लेना जरूरी
बिना परमिशन मिलने पर व्यक्ति के खिलाफ पुलिस हो कार्रवाई का अधिकार
-जैसलमेर में 2008 में बार्डर को बेचने के मामले के बाद इस कानून को बनाया गया है सख्त
-प्रतिबंधित थाना क्षेत्रों में प्रवेश के लिए वैधानिक अनुमति जरुरी है।
एसडीएम, संबंधित थाना, पुलिस अधीक्षक व तहसीलदार से सत्यापन के बाद मिलती है अनुमति
फैक्ट फाइल-
350 के करीब गांव जिले के ऐसे हैं, जहां जाने के लिए जरूरी है अनुमति
38 हजार वर्ग किमी से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है सरहदी जिला
470 किमी की लंबाई में फैली है जैसलमेर जिले की सीमा
8 थाना क्षेत्र प्रतिबंधित किए गए हैं जिले में सुरक्षा के लिहाज से
Published on:
16 Apr 2018 11:34 am
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