
आगामी दो माह बाद रामदेवरा में लगने जा रहे विश्व प्रसिद्ध बाबा रामदेव के वार्षिक मेले के पहले सडक़ों के हाल बदहाल है। यही नहीं पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए पथ कई जगह गायब ही हो गए तो कई जगह बेहद खराब हालत में पड़े हैं। जानकारी के अनुसार रामदेवरा क्षेत्र में पिछले कई सालों से मुख्य आवाजाही की डामर सडक़ें अनदेखी का शिकार होकर बदहाली का दंश झेल रही है।
रामदेवरा पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल होने के बाद भी यहां यात्रियों के आगमन की प्रमुख डामर सडक़ें बेहद खस्ताहाल में है। विगत लंबे समय से जर्जर डामर सडक़ों की मरम्मत नहीं होने जर्जर सडक़ मार्ग हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं। जानकारों की मानें तो लोक देवता बाबा रामदेव के मेले से पूर्व यहां की टूटी और गड्ढों में तब्दील सडक़ों को समय रहते दुरुस्त नहीं किए जाने की स्थिति में दर्शनार्थियों को परेशानियों से रु-ब-रु होना पड़ेगा।
क्षेत्र में रेलवे स्टेशन रोड, पोकरण रोड, नाचना चौराहा रोड, नोखा चौराहा, रुणीचा कुआ सडक़, रुणीचा कुआ से रेलवे स्टेशन तक, रावणा राजपूत धर्मशाला के पास, एनएच- 11 से जुड़ी लीक सडक़, जो जैन मंदिर तक, गौरव पथ लिंक सडक़ से आदर्श स्कूल के समीप तक,मुख्य बाजार से रेलवे स्टेशन तक सडक़ टूटी हुई है।
बाबा रामदेव मेले से पूर्व करीब दो माह बाद यात्रियों के रामदेवरा में आने जाने का दौर शुरू हो जाएगा। वर्ष का सबसे विशाल मेला होने से लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं का रामदेवरा में आना जाना होता है। सडक़ हादसों को रोकने के लिए ना तो पैदल पथ सही बना है और ना ही सडक़ों की मरम्मत हुई है।
- 30 से 50 लाख श्रद्धालु आते हैं मेले में
-5 किमी दायरे मे टूटी हुई है डामर सडक़ें
-1 माह तक रहती है मेले की चहल पहल
Published on:
07 Jun 2024 10:55 pm
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