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बरसाती पानी से भरे गड्ढे ने लील लिया लाल

- ट्रांसपोर्ट चौराहा पर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत खोदे गए गड्ढे में गिरने से मृत युवक का शव परिजनों को सौंपा- रात भर कड़े प्रयासों के बाद तलाशा जा सका शव  
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 28 Sep 2021, 7:26 PM IST

बरसाती पानी से भरे गड्ढे ने लील लिया लाल

बरसाती पानी से भरे गड्ढे ने लील लिया लाल

जैसलमेर। जैसलमेर के ट्रांसपोर्ट चौराहा पर भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत खोदे गए गड्ढे में गिर जाने से युवक की मौत ने ठेकेदार कम्पनी की लापरवाही को सतह पर ला दिया है। इस हादसे में २२ वर्षीय युवक हिमांशु पुत्र मनोज कुमार निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की मौत हो जाने से शहरभर में लोगों में गुस्सा है। गौरतलब है कि हिमांशु सोमवार की रात तेज बारिश के बाद अपने घर की तरफ पैदल जा रहा था। रास्ते में बरसाती पानी से लबालब भरे करीब २० फीट गहरे गड्ढे में गिर जाने से उसकी मौत हो गई। गड्ढे के चारों तरफ कायदे से बेरिकेडिंग नहीं की गई थी और उस पर अंधेरा छाया होने से हालात और बदतर हो गए। इस तरह से एक गरीब परिवार का नौजवान पुत्र असमय काल के गाल में समा गया। हिमांशु के परिवारजनों ने पुलिस को दी शिकायत में मामले की जांच कर लापरवाही के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने की मांग की है।
दुकान में काम करता था युवक
जानकारी के अनुसार हिमांशु और उसके दो अन्य भाई शहर की दुकानों में काम करते थे। तेज बारिश के कारण हिमांशु सोमवार रात्रि को करीब आठ बजे घर के लिए रवाना हो गया। गांधी कॉलोनी तक उसके साथ एक अन्य युवक भी था। उससे आगे पहुंचने पर बुरी तरह से सड़क पर पानी भरा होने के चलते उसने अपने पिता को फोन किया कि वह उसे लेने के लिए ट्रांसपोर्ट चौराहा तक आए। पिता का दुपहिया स्टार्ट नहीं हुआ तो वह उसे लेने पैदल ही रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर हिमांशु कहीं नजर नहीं आया और उसका फोन भी बंद था। गड्ढे में लबालब पानी भरा देखकर मनोज प्रजापत को आशंका हुई कि कहीं उनका पुत्र उसमें तो नहीं गिर गया। पिता की आशंका के बाद अन्य लोगों ने पुलिस, नगरपरिषद प्रशासन आदि को घटना की जानकारी दी।
रात भर चला तलाशी अभियान
रात करीब साढ़े नौ बजे से वहां तलाशी अभियान चलाया गया। ओवरब्रिज के फाउंडेशन के लिए खोदे गए विशाल गड्ढे में भारी मात्रा में पानी भरा था। पानी को कम करने के लिए नगरपरिषद की मशीनरी लगाई गई। जिससे करीब छह घंटे में पूरा पानी बाहर निकाला गया। इससे पहले गोताखोरों वाजिद अली, इकबाल खान और नगरपरिषद के कार्मिक पवन गोस्वामी के साथ कनिष्ठ अभियंता सुशील यादव ने उसे ढूंढऩे की भरसक कोशिश की लेकिन वह नहीं मिला। तड़के करीब चार बजे जब पानी पूरा निकाला गया तो हिमांशु का शव मिट्टी में धंसा मिला। जिसे बाहर निकालकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने मंगलवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिवारजनों को सौंपा। शहर कोतवाल प्रेमदान चारण ने बताया कि युवक गड्ढे में कैसे गिरा तथा इस संबंध में अन्य सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कम्पनी को लापरवाही की सजा मिले
बीती रात्रि को सरकारी अमले के साथ आमजन भी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद थे। मंगलवार सुबह शव लेने पहुंचे मृतक के परिवारजनों का कहना था कि इतने विशाल गड्ढे की पूरी तरह से बेरिकेडिंग नहीं की गई थी। ठेकेदार कम्पनी की इस लापरवाही का शिकार हिमांशु हो गया। उन्होंने कहा कि कम्पनी के जिम्मेदारों को इसके लिए दंडित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में और किसी परिवार पर ऐसा वज्रपात नहीं हो। सुबह से आम शहरवासी भी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर हिमंाशु की मौत पर क्षोभ जता रहे थे।