
आदि गुरु शंकराचार्य के प्राकट्य उत्सव पर शुक्रवार को गड़ीसर सरोवर का सावित्री घाट वेद मंत्रों से गूंज उठा। आयोजन में शंकराचार्य के जीवन, दर्शन और सनातन धर्म में योगदान पर प्रकाश डाला गया। साथ ही वैदिक विधि से शोडषोपचार पूजन और रुद्राभिषेक कर गडसीसर सरोवर की आरती उतारी गई। पुरोहित बगेची सावित्री घाट पर हुए आयोजन में पंडित आदित्य मोहन केवलिया के नेतृत्व में वेद पाठियों ने रुद्री पाठ किया। पं. विकास की उपस्थिति में पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शंकराचार्य के जीवन वृतांत, चारों मठों की स्थापना, और धार्मिक ग्रंथों पर की गई टिप्पणियों पर जानकारी दी गई।
आरती के माध्यम से शहरवासियों ने गड़ीसर के प्रति आस्था प्रकट करते हुए जल संरक्षण और सरोवरों के संवर्धन का संकल्प लिया। गौरव पुरोहित ने बताया कि सरोवर प्राचीन काल से ही समाज और संस्कृति का केंद्र रहे हैं। बैसाख मास में गडसीसर की आरती कर प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करना एक परंपरा रही है।
यादव पुरोहित ने बताया कि रविवार सुबह 8 बजे से सावित्री घाट पर श्रमदान होगा। पिछले एक माह से प्रत्येक रविवार को घाटों की सफाई का अभियान चल रहा है। कार्यक्रम में भंवरलाल बल्लाणी, कालूराम पुरोहित, आनंद केवलिया, धीरज पुरोहित, मनोज पुरोहित, संतोष व्यास, विमल बल्लाणी, मनीष पोलजी, जयशंकर आचार्य, दीपक मिसर, निखिल कल्ला, गिरिराज पोलजी, पंकज पुरोहित, गौरव पुरोहित, नवीन पुरोहित, विकास पुरोहित, अन्नत पुरोहित, भूपेश बिस्सा, कृष्णा बिस्सा सहित बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल रहे।
Published on:
03 May 2025 08:36 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
