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JAISALMER NEWS- लूट और अपहरण की वारदात करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने उठाया यह बड़ा कदम

आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

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अपहरण व मारपीट प्रकरण
पोकरण(जैसलमेर). स्थानीय पुलिस में अपहरण, मारपीट व अवैध वसूली करने पर करीब आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार भीखोड़ाई निवासी पप्पुखां पुत्र माधलखां ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि गत एक जून की शाम करीब चार बजे वह तथा उसका ट्रैक्टर चालक फूसेखां ट्रैक्टर ट्रोली में कच्चा पत्थर भरकर भाखरी से झलारिया की तरफ आ रहे थे। झलारिया से एक किमी पूर्व एक टवेरा गाड़ी में कुछ लोग आए तथा ट्रैक्टर के आगे टवेरा खड़ी कर उन्हें रुकवाया। टवेरा में झलारिया निवासी खेतसिंह पुत्र देवीसिंह, कुई बालेसर निवासी झब्बरसिंह व एक अन्य व्यक्ति उतरकर उनके पास आए तथा पत्थर की रॉयल्टी के रुपए मांगे। जब उसके चालक ने मना किया, तो इन लोगों ने गाड़ी में रखी लाठियां व सरिये निकाले। वह लाठियां व सरिये देखकर भाग गया तथा उन लोगों ने चालक फूसेखां को जबरदस्ती अपने वाहन में डालकर ले गए।

IMAGE CREDIT: patrika

कुछ ही देर बाद दो अन्य गाडिय़ां भी यहां आ गई। वे सभी चालक फूसेखां को लालपुरा गांव में सूनसान स्थान पर लेकर गए तथा उसके साथ मारपीट की। कुछ देर बाद झलारिया निवासी सवाईसिंह का उसके मोबाइल पर फोन आया कि लालपुरा आकर अपने चालक व ट्रैक्टर को लेकर जाओ। जब वह ट्रैक्टर व चालक को लेने लालपुरा पहुंचा, तो चालक के कपड़े फटे हुए थे तथा मारपीट के कारण उसके शरीर पर चोटें थी। यहां सवाईसिंह ने उसे रॉयल्टी के 10 हजार रुपए देने के लिए दबाव डाला, लेकिन उन्हें देने के लिए उसके पास रुपए नहीं थे, तो झलारिया निवासी खेतसिंह, जेठूसिंह, सवाईसिंह, कुई निवासी झब्बरसिंह, गोमदराम, ऊंठवालिया निवासी नरेश भील, सगरा निवासी सुमेरसिंह ने उसकेे साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तालाब के आगोर से अतिक्रमण हटाया जाए
रामदेवरा. क्षेत्र के सादा गांव में ग्रामीणों ने कथित तौर पर तालाब में किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में स्थित तालाब में बारिश के पानी का संग्रहण होता है तथा यह पानी ग्रामीणों व मवेशी के लिए उपयोग होता है। तालाब के आगोर में कुछ लोगों की ओर से पत्थर डालकर व पक्का निर्माण करवाकर अतिक्रमण किया जा रहा है। ऐसे में तालाब में पानी की आवक प्रभावित होने व पानी नहीं आने से ग्रामीणों व मवेशी के लिए पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।