
पशुपालकों ने पशुपालन अधिकारी का किया घेराव
जैसलमेर. जैसलमेर जिले में ऊष्ट्र विकास योजना में लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए पशुपालकों ने सोमवार को पशुपालन अधिकारी का घेराव किया और बाद में जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार करने के आरोपी पाए गए कार्मिकों को निलम्बित करने की मांग की गई। भाजपा के वरिष्ठ नेता सांगसिंह भाटी के नेतृत्व में घेराव करने पहुंचे पशुपालकों ने आरोप लगाया कि योजना के तहत पशुपालकों को देने के लिए चार करोड़ की राशि सरकार ने आवंटित की थी। उसमें से 20 प्रतिशत राशि ही पशुपालकों को मिल पाई है। बाकी पशुपालक आज भी सहायता राशि का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने योजना में फर्जीवाड़ा करने के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन छेडऩे की चेतावनी दी।
भ्रष्टाचारियों से हो वसूली
भाटी ने कहा कि योजना में जिन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया है, उनसे राशि वसूली करें और पशुपालकों को आवंटित की जाए। साथ ही उन्हें निलम्बित किया जाए। पूरे राज्य भर में पशुपालक आंदोलन चलाएंगे। केमल एसोसिएशन के हनवंतसिंह राठौड़ ने बताया कि ऊष्ट विकास योजना में प्रत्येक ऊंट पर 10 हजार की राशि दिए जाने थे। जब ऊंटों के टैग लगने शुरू हुए, उसी समय पशु चिकित्सकों ने प्रत्येक पशुपालक से एक-एक हजार रुपए ले लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 15-16 हजार ऊंटों के लिए उन्होंने करीब 45 लाख रुपए पशुपालकों से ले लिए। बाद में गत 10 मार्च को पशुपालकों ने आंदोलन किया। जिला कलक्टर ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में तीन करोड़ रुपए से ज्यादा का घपला पाया है।
Published on:
29 Jun 2021 08:01 pm
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