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सितम्बर महीने में भी सूरज का सितम

-सितम्बर महीने में भी सूरज का सितम -जैसाण में भा'दवा में भी गर्मी के ज्येष्ठ जैसे तेवर

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सितम्बर महीने में भी सूरज का सितम

जैसलमेर.जैसलमेर में भा'दवा माह की गर्मी ने इन दिनों आमजन को झकझोर कर रख दिया है। सुबह होते ही गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाने शुरु कर देती है। इन दिनों तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। तन को चुभने वाली सूरज की तीखी किरणें हमला बोल कर आम जन को परेशान कर रही है। दोपहर में चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। गर्मी के कारण दुपहिया वाहनचालकों का चलना ही मुश्किल हो गया है। गर्मी किस कदर हावी है, इसका असर दोपहर के समय सडक़ों पर भी कम भीड़ भाड़ देखकर लगाया जा सकता है। घरों में एक बार फिर लस्सी, शिकंजी और शरबत का उपयोग अधिक होने लगा है। बारिश का दौर थमने के बाद अब मौसम दु:खदायी बना हुआ है। लोग व उमस से बचने के लिए तरह-तरह के जतन करते नजर आते हैं। शीतल पेय व ज्यूस की दुकानों पर लोग गर्मी में सूख रहे कंठ तर करने पहुंच जाते हैं। आइसक्रीम की दुकानों पर भी बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है।

स्वाइन फ्लू से उपचार के कारण मौत!
-उपचार के दौरान पैर फिसलने से सिर पर भी आई थी गंभीर चोट
चांधन. चांधन क्षेत्र के सोढ़ाकोर गांव निवासी भगाराम की स्वाइन फ्लू के कारण उपचार के दौरान अहमदाबाद में मौत होने की जानकरी सामने आ रही है। गौरतलब है किभगाराम राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल पद पर गांव मंडार जिला सिरोही में कार्यरत था। स्वास्थ्य अस्वस्थ होने के कारण चार-पांच दिन तक भगाराम ने अपना इलाज मंडार में ही करवाया, लेकिन स्वास्थ सुधार नहीं होने पर पालनपुर रैफर कर दिया गया, जहां सम्भावित लक्षणों को देखते हुए सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद में रैफर किया गया। जहां स्वाइन फ्लू जांच के दौरान स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की गई। उपचार के दौरान ही 18 सितंबर को बाथरूम में पैर फिसलने से गिर गया और सिर में चोट लग गई। कुछ समय बाद ही इलाज के दौरान सिविल हॉस्पिटल में मौत हो गई। आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांधन की चिकित्सा प्रभारी डॉ. अर्चना समाधियां ने टीम गठित करके सोढ़ाकोर में भेजी। गठित टीम ने सोढ़ाकोर में मृतक के परिजनों को स्वाइन फ्लू बचाव के लिए टेमीफ्लू का वितरण किया। चिकित्सा टीम ने घर-घर सर्वे कर 36 घरेलू टांकों में टेमीफोस दवाई डाली गई। चिकित्सा टीम द्वारा मृतक के परिजनों व आसपास के 63 लोगों की जांच की गई। हालांकि इस दौरान कोई भी बुखार जुकाम व खांसी का रोगी नहीं पाया गया। चिकित्सा टीम ने सभी ग्रामीणों से आग्रह किया कि यदि किसी को बुखार, जुखाम व खांसी हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं और टीम को शीघ्र सूचित कराएं।