
पोकरण क्षेत्र के रामदेवरा गांव में चल रहे बाबा रामदेव के मेले के दौरान पार्किंग के नाम पर हो रही वसूली और श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है। गौरतलब है कि रामदेवरा में पार्किंग के लिए ग्राम पंचायत की ओर से ठेका दिया गया है। पार्किंग स्थलों के बाहर नाके लगाकर वाहनों को रोका जा रहा है। जिसके बाद वाहनों को पार्किंग स्थल में बिना खड़े किए ही राशि वसूल की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर राजस्थान पत्रिका के 15 अगस्त के अंक में 'ये है पार्किंग के किंग… वाहन खड़ा करो या नहीं… शुल्क तो देना ही होगा' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश किशोर तालेपा ने जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी व उपखंड अधिकारी पोकरण को एक पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान रामदेवरा में प्रवेश के लिए 7 प्रवेश द्वार बनाए गए है, जिन पर चार पहिया वाहनों से 100 रुपए व दोपहिया वाहनों से 50 रुपए प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पार्किंग के लिए चार पहिया वाहनों से 100 रुपए व दोपहिया वाहनों से 20 रुपए अलग से शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने विधिक स्थिति के बारे में बताते हुए इसे अवैधानिक बताया। उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारी से अवगत करवाते हुए बताया कि मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाते है। कानून व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया जाता है। यातायात, भीड़ व स्वच्छता की जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होती है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत को शुल्क वसूली का अधिकार तभी है, जब वह राज्य सरकार की अनुमति से और नियमों के अनुरूप कार्यवाही करें।
उन्होंने पत्र लिखकर प्रवेश व पार्किंग शुल्क की वसूली की वैधानिकता की जांच करने, यदि वसूली सरकार की अनुमति व विधिक प्रक्रिया के बिना की जा हरी है तो इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का आग्रह किया है। साथ ही मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात, पार्किंग, स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का भी आग्रह किया है।
Published on:
18 Aug 2025 10:12 pm
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