
नृसिंह चतुर्दशी व नृसिंह भगवान की जयंती का पर्व गुरुवार को कस्बे में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों, अनुष्ठानों व झांकी आदि का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक कालूराम सोनी ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह भगवान नृसिंह जयंती का पर्व गुरुवार को परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शाम 6 बजे भूरालाल सोनी के मकान में नृसिंह भगवान प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा और उनकी पूजा-अर्चना व आरती के पश्चात् प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
नृसिंह जयंती के मौके पर नृसिंह भगवान के प्राकट्य उत्सव के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में नृसिंह भगवान, भक्त प्रहलाद व हिरण्यकश्यप की झांकी सजाई जाएगी। शोभायात्रा सोनारों की गली से रवाना होगी और सदर बाजार होते हुए चारभुजा मंदिर पहुंचेगी। मंदिर के मुख्य द्वार पर शाम 7 बजे हिरण्यकश्यप के वध के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा।
गौरतलब है कि नृसिंह जयंती के मौके पर सरहदी जिले में केवल पोकरण में ही कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसको लेकर आमजन में उत्साह है। हिरण्यकश्यप की झांकी 4 बजे ही तैयार कर दी जाती है। इसके बाद हिरण्यकश्यप वेश में तैयार व्यक्ति सदर बाजार, गांधी चौक, फोर्ट रोड, व्यास सर्किल के साथ कस्बे के गली मोहल्लों में घूमकर रस्सी से लोगों पर वार कर उत्पात मचाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार हिरण्यकश्यप की ओर से लोगों को परेशान कर भगवान की पूजा से रोका जाता था। उसे मिले वरदान के अनुसार भगवान शेर व पुरुष नृसिंह के रूप में अवतार लेकर उसका वध करते है। कस्बे के चारभुजा मंदिर की चौखट पर हिरण्यकश्यप के वेश में तैयार व्यक्ति के मुखौटे को नृसिंह भगवान के वेश में तैयार व्यक्ति फाड़कर वध करेंगे। इसके बाद आरती की जाएगी।
पोकरण कस्बे के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में प्रधानाचार्यों की ब्लॉक स्तरीय दो दिवसीय वाक्पीठ का मंगलवार को समापन हुआ। वाक्पीठ के दूसरे दिन मंगलवार को संरक्षक सीबीईओ सुशीला महला की अध्यक्षता में कई विषयों पर वार्ताएं दी गई। इस मौके पर भगवानाराम ने स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग, राजेश कल्ला ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ओ, राजेन्द्रप्रसाद ने पालनहार योजना, जानकीलाल ने सेवा अभिलेख संधारण, महेन्द्र रतनू ने खेलकूद गतिविधियों के संचालन, धनराज पालीवाल ने लाडो प्रोत्साहन योजना, हीरदान रतनू ने अवकाश नियमों पर वार्ता दी।
इस मौके पर सेवानिवृत होने वाले एसीबीईओविष्णुकुमार छंगाणी, प्रधानाचार्य मैराजसिंह सांकड़ा, संपतलाल दूधिया, भैरुसिंह भाटी चाचा को संगठन की ओर से विदाई दी गई। साथ ही वाक्पीठ संगोष्ठी की नई कार्यकारिणी का गठन कर भंवरलाल सूंडिया को अध्यक्ष व भगवानाराम विश्नोई को सचिव बनाया गया। सीबीईओ सुशीला ने संस्थाप्रधानों को बेहतरीन योजना बनाकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने वाक्पीठ में वार्ताओं से प्राप्त अनुभवों का कार्यस्थल पर उपयोग करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रयत्नशील रहने की बात कही। संयोजक प्रधानाचार्य हेतराम विश्नोई ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन धनराज पालीवाल ने किया।
Published on:
28 Apr 2026 08:37 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
