
जैसलमेर सहित जोधपुर मंडल के 112 स्टेशनों पर रेल यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सेफ्टी अलार्म लगाए गए हैं। जिससे मानवीय चूक या लापरवाही को टाला सके। ट्रेनों के संचालन और ट्रैक बदलने (पॉइंट सेट करने) के दौरान होने वाली गलतियों को रोकने के लिए सेफ्टी अलार्म पॉइंट यूनिट सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचती है, यह सिस्टम एक्टिव हो जाता है और समय पर काम पूरा न होने पर तेज शोर के साथ स्टाफ को अलर्ट कर देता है। जोधपुर मंडल ने इस सिस्टम को अलग-अलग रेलखंडों में बांटा है। खास बात यह है कि जैसलमेर से राईका बाग के बीच सबसे ज्यादा 21 सिस्टम लगाए गए हैं।
सिस्टम एक बैकअप की तरह काम करेगा। इसे सीधे सिग्नल और इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे ट्रैक और सिग्नल की निगरानी एक साथ हो सकेगी। रेलवे का स्टाफ किसी भी तरह काम में देरी नहीं कर पाएगा। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर आती है, स्टेशन मास्टर के पैनल पर एलईडी लाइट जलने लगती है, बजर बजता है। ट्रेन आने के 3 मिनट के भीतर ट्रैक बदलने वाले पॉइंट्स सही तरीके से सेट नहीं किए तो सिस्टम से तेज अलार्म बजने लगेगा।
रामगढ़ कस्बे में गर्मी के तेवर दिखाते ही बिजली और पानी की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज से कूलर-पंखे भी बेअसर हो रहे हैं, जिससे लोग भीषण गर्मी में परेशानी झेल रहे हैं। रात में बिजली गुल होने से दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। विद्युत निगम की ओर से आपूर्ति में लगातार व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। बिजली के साथ-साथ जलदाय विभाग भी पानी की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने में विफल रहा है। पेयजल संकट से आम जनजीवन के साथ मवेशियों को भी जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी आते ही यह स्थिति उत्पन्न होती है। उच्च अधिकारियों और ठेकेदार से संपर्क के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। विद्युत निगम और जलदाय विभाग की यह अनदेखी आमजन के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
Published on:
28 Apr 2026 08:49 pm
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