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भूमि पुत्रों को खातेदारी मिलने के बाद भी नहीं न मिल रहे भूमि प्रमाण व गिरदावरी

-847 खातों में गबन का मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार बरत रहे सतर्कता

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भूमि पुत्रों को खातेदारी मिलने के बाद भी नहीं न मिल रहे भूमि प्रमाण व गिरदावरी

भूमि पुत्रों को खातेदारी मिलने के बाद भी नहीं न मिल रहे भूमि प्रमाण व गिरदावरी

नाचना (जैसलमेर). केसीसी नवीनीकरण को लेकर बैंक की ओर से मांगी जा रही गिरदावरी व भूमि प्रमाण पत्र के लिए नहरी क्षेत्र के भूमि पुत्रों को परेशान होना पड़ रहा है। उधर, उपनिवेशन तहसील नाचना से उन्हें ये दस्तावेज जारी नहीं किए जा रहे है। उपनिवेशन तहसील के अधिकारियों का कहना है कि भूमि आवंटन की बकाया राशि जमा करवाने के बाद ही गिरदावरी तथा भूमि प्रमाण पत्र जारी किए जा सकेंगे। समस्या यह आ रही है कि किसानों की ओर से आवंटित भूमि की समूची राशि जमा करवाने के बाद उन्हें खातेदारी सनद भी मिल चुका था। खातेदारी मिलने पर किसानों की ओर से इंतकाल दर्ज करवा कर तहसील से भूमि की पास बुक प्राप्त कर बैंक में केसीसी ऋण भी लिया जा चुका है। अब जब केसीसी बनाने के 5 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और नवीनीकरण् करवाने का समय आया तो उन्हें भूमि प्रमाण पत्र व गिरदावरी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बैंक में पेनल्टी राशि के साथ-साथ अधिक ब्याज वसूले जाने की कवायद की जा रही है।
उजागर हुआ था 475 करोड़ के गबन का मामला
नाचना स्थित उपनिवेशन तहसील नंबर दो तथा तहसील नंबर एक में पिछले वर्षों में गबन का मामला सामने आया था, जिसका प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में चल रहा है। विभाग की ओर से जांच के दौरान 847 खातों में लगभग 475 करोड़ का गबन का मामला पाया गया था, जिस पर उपनिवेशन विभाग ने संबंधित कर्मचारियो को निलंबित कर कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। कई किसानों ने अपनी आवंटित भूमि की संपूर्ण राशि जमा करवाकर खातेदारी भी ले ली इंतकाल दर्ज करवा कर उस भूमि पर केसीसीबी करवा ली, वहीं कई किसान ऐसे हैं जिनकी ओर से किस्तों की राशि जमा करवा दी गई। बावजूद इसके उस राशि का तहसील रिकॉर्ड में अंकन नहीं किया गया है, जबकि किसानों के पास जमा की गई राशि की रसीदें मौजूद है।
इसमें इनका क्या कसूर
गबन प्रकरण का निस्तारण नहीं होने पर क्षेत्र के किसान समस्या की सुनवाई न होने से परेशान हैं। सत्याया निवासी घेवरसिंह बताते हैं कि उन्हें चक 5 केएचएम में 27 फरवरी 1996 को मुरब्बा नंबर 115-&8 में 21 बीघा कमांड सामान्य भूमि आवंटन हुई थी। उसने बताया कि आवंटित भूमि की समूची राशि जमा करवाने के बाद उसे 5 मई 2016 को उपायुक्त कार्यालय से खातेदारी दी गई, जिसका उपनिवेशन तहसील में 19 मई 2016 को इंतकाल दर्ज किया गया था। उसने बताया कि खातेदारी भूमि पर उसने मरुधरा ग्रामीण बैंक सत्याया में 2 लाख 60 हजार की केसीसी बनवाई, जिसको अब पांच वर्ष पूर्ण हो गए हैं। अब केसीसी का नवीनीकरण कराने के लिए भूमि प्रमाण पत्र गिरदावरी की आवश्यकता हो रही है तो तहसील की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि आवंटित भूमि की अंतिम किस्त 20140 रुपए और ब्याज अतिरिक्त जोड़कर जमा करवाने पर ही भूमि प्रमाण पत्र व गिरदावरी दी जाएगी। उसने बताया कि 11 जनवरी 2016 को तहसील कार्यालय नाचना नंबर 2 में 19285 तथा ब्याज राशि 855 सहित कुल 20,140 नगद राशि जमा करवा दी थी। क्षेत्र के पीडि़त किसानों ने सरकार तथा उपनिवेशन विभाग से मांग की है कि इस प्रकरण की शीघ्र जांच करवा कर न्याय दिलाने की मांग की है।

मांगा है मार्गदर्शन
गत वर्ष भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से की गई रिकोर्ड की जांच पर करीब 847 खातों में 475 करोड़ के गबन होना पाया गया था। संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है। किसानों की ओर से राशि जमा करवाने के बाद रिकार्ड में दर्ज नहीं होने पर उन किसानों के खातो में किस्तो की राशि बकाया बोल रही है। प्रकरण विभाग के उ'च अधिकारियों को भेज कर मार्गदर्शन मांगा गया है ।मार्गदर्शन मिलने पर ही किसानो की समस्याओं का निवारण हो सकेगा।
-जीएस गर्ग, तहसीलदार, उपनिवेशन तहसील नाचना नम्बर 2, जैसलमेर