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क्रांतिकारी प्रताप सिंह बारहठ की जयंती : ‘वीरता और देशभक्ति आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत’

अमर बलिदानी क्रांतिकारी कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की जयंती के अवसर पर सोमवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ।

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अमर बलिदानी क्रांतिकारी कुंवर प्रतापसिंह बारहठ की जयंती के अवसर पर सोमवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ। सर्व समाज जैसलमेर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने बारहठ के बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जेठूदान चारण ने कहा कि प्रतापसिंह बारहठ स्वतंत्रता संग्राम का वह तेजस्वी नाम है, जिसने न केवल स्वयं को राष्ट्र के लिए समर्पित किया बल्कि उनका पूरा परिवार स्वतंत्रता की वेदी पर आहुति बना। वे केसरीसिंह बारहठ के पुत्र थे और लॉर्ड हार्डिंग बम कांड तथा बनारस की सशस्त्र क्रांति योजना के प्रमुख योजनाकार रहे। प्रतापसिंह ने सचिंद्रनाथ सान्याल, रास बिहारी बोस, अर्जुनलाल सेठी और मास्टर अमीर चंद के साथ मिलकर क्रांतिकारी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई। चाचा जोरावर सिंह के साथ लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंका और 1918 में बरेली जेल में अंग्रेजों की अमानवीय यातनाओं को सहते हुए देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। जेठूदान ने कहा कि प्रताप सिंह ने जबरन मां से मिलवाकर भावनात्मक दबाव बनाने के अंग्रेजी प्रयासों को नकारते हुए कहा था कि अपनी एक मां को हंसाने के लिए लाखों माताओं को नहीं रुला सकता।ऐसी वीरता और देशभक्ति आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। समाज का दायित्व है कि ऐसे वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को अगली पीढिय़ों तक पहुंचाया जाए। कार्यक्रम में किशनपुरी सेवानिवृत्त कस्टम कमिश्नर अध्यक्ष, पुरषोत्तम बिस्सा सेवानिवृत्त कस्टम अधीक्षक मुख्य अतिथि, कैलाशदान एडिशनल एसपी विशिष्ट अतिथि प्रभूदान दैथा, समाजसेवी व संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रताप सिंह बारहठ को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मंच संचालन करणी बाल मंदिर परिवार ने किया।