scriptनहीं मिली पुस्तकें, ऐसे तो कैसे होगा शिक्षण ? | Patrika News
जैसलमेर

नहीं मिली पुस्तकें, ऐसे तो कैसे होगा शिक्षण ?

शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन इस बार कक्षा छह के विद्यार्थियों को अभी तक पुस्तकें नहीं मिली है।

जैसलमेरJul 10, 2024 / 09:18 pm

Deepak Vyas

jsm
शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही सरकारी विद्यालयों में पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन इस बार कक्षा छह के विद्यार्थियों को अभी तक पुस्तकें नहीं मिली है। जिसके कारण उनका शिक्षण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार कस्बे में स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में कक्षा छह की पुस्तकें अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। मॉडल स्कूल में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद एनसीईआरटी से पुस्तकें प्राप्त होती है। प्रतिवर्ष अप्रेल माह में डिमांड भेज दी जाती है और जून माह में पुस्तकें उपलब्ध हो जाती है, लेकिन इस बार जुलाई माह में शिक्षण कार्य शुरू हो जाने के बावजूद कक्षा छह की पुस्तकें नहीं मिली है। जिससे विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है और उन्हें परेशानी हो रही है।

नि:शुल्क मिलती है पुस्तकें, इस बार आई ही नहीं

मॉडल स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालित होता है। यहां एनसीईआरटी की ओर से विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। साथ ही निजी विद्यालयों के लिए बाजार में पुस्तकें उपलब्ध होती है, लेकिन इस वर्ष अभी तक न तो सरकारी विद्यालयों में पुस्तकें पहुंची है, न ही निजी विद्यालयों के लिए बाजार में पुस्तकें उपलब्ध है। ऐसे में विद्यार्थी परेशान हो रहे है।

पाठ्यक्रम भी बदला

सरकारी विद्यालयों पुराने विद्यार्थियों से पुस्तकें जमा कर नए विद्यार्थियों को दे दी जाती है, लेकिन एनसीईआरटी की ओर से इस वर्ष पाठ्यक्रम में बदलाव करने से परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में पुरानी पुस्तकों से अध्ययन करना संभव नहीं है। जिससे परेशानी बढ़ गई है।

कैसे होगा शिक्षण कार्य

जुलाई माह की शुरुआत के साथ विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू हो जाता है। कस्बे में सीबीएसई बोर्ड की मॉडल स्कूल में कक्षा छह के 80 विद्यार्थी अध्ययनरत है। इनमें करीब 44 छात्राएं है। जिन्हें जुलाई का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी पुस्तकें अभी तक नहीं मिल पाई है। जिससे उनका शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है।
डिमांड भेजी, नहीं मिली पुस्तकें
गत अप्रेल माह में ही पुस्तकों के लिए डिमांड भिजवा दी गई थी, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से पुस्तकें नहीं भिजवाई गई है। शिक्षण कार्य में परेशानी हो रही है।
  • अशोककुमार नागौरा, प्रधानाचार्य स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, पोकरण

Hindi News/ Jaisalmer / नहीं मिली पुस्तकें, ऐसे तो कैसे होगा शिक्षण ?

ट्रेंडिंग वीडियो