
पश्चिमी सीमांत जैसलमेर जिला लगातार शीतलहर की चपेट में आया हुआ है। बीते कई दिनों की भांति सोमवार को भी दिनभर सर्द हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त किए रखा। बीते रविवार की रात को पारा अब तक के न्यूनतम स्तर 2.5 डिग्री तक लुढक़ गया। दूसरी तरफ जिले के चांधन, रामगढ़, मोहनगढ़ और रामदेवरा सहित कई ग्रामीण इलाकों में बर्फ की परतें जम गई। चार पहिया की छतों से लेकर बाइक्स की सीटों के साथ खेतों में उगी हुई फसलों पर ओस जमकर बर्फ हो गई। कर्मठता के लिए पहचाने जाने वाले किसान वर्ग को भी सर्द मौसम का यह चरम रास नहीं आ रहा है। खेतों में जाकर काम करने से लेकर पशुपालकों को हाड़ जमाने वाली सर्द हवाओं ने बेहाल कर दिया है।
जैसलमेर शहर में रविवार की पूरी रात शीतलहर ने कमरों में रजाइयों में दुबके लोगों को भी सताने में कसर नहीं छोड़ी। अलसुबह आसमान साफ था लेकिन तेज गति की उत्तरी हवाओं ने लोगों को रजाइयों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी। कक्षा 9 से 12 तक के बड़ी उम्र के विद्यार्थियों के लिए सुबह 10 बजे के समय स्कूल जाना भी कठिन टास्क हो गया। सडक़ों पर जगह-जगह अलाव जलते हुए नजर आए। जहां लोगों के साथ मूक पशुधन ने भी आसपास रहकर स्वयं को गर्म करने का जतन किया। दोपहर में अच्छी धूप खिली लेकिन उसके साथ सर्द हवाओं के प्रवाह के चलते धूप में भी सर्दी का अहसास बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दूसरी तरफ सोमवार को जैसलमेर में लगातार पांचवें दिन न्यूनतम पारा कड़ाके की सर्दी के लिए पहचाने जाने वाले 5 डिग्री के स्तर से नीचे दर्ज हुआ।
जैसलमेर भ्रमण पर आए हुए देशी-विदेशी सैलानी भी तेज गर्मी के लिए पहचान रखने वाले इस शहर में वर्तमान में पड़ रही कड़ाके की सर्दी से सहमे दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को भी पर्यटक मोटे ऊनी कपड़ों के साथ मफलर-शॉल आदि ओढ़ कर घूमते नजर आए। वैसे कई पर्यटक इस सर्दी का लुत्फ उठाते भी देखे जा रहे हैं। शहर की गर्म नमकीन की दुकानों व ठेलों पर बेशुमार ग्राहकी का दौर है। ऐसे ही चाय-कॉफी आदि की मांग में भी खासी बढ़ोतरी हुई है।
Published on:
12 Jan 2026 08:49 pm
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