
रामदेवरा के थाना क्षेत्र के छायण गांव के जवान शंभू भारती का मणिपुर की बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान हदय गति रुकने से निधन हो गया। वे बीएसएफ की 161 वी बटालियन में सिपाही पद पर कार्यरत थे। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार को पैतृक गांव छायण लाया गया, इस दौरान गांव का माहौल गमगीन हो गया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान बीएसएफ के जवान और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे। छायण गांव के रहने वाले शंभू भारती पुत्र अमर भारती बीएसएफ की 161वीं बटालियन में तैनात थे। गत 10 मार्च को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी हदय गति रुकने से मृत्यु हो गई। शंभू भारती का पार्थिव शरीर मणिपुर से हवाई रास्ते दिल्ली होते हुए 12 मार्च को उनके पैतृक गांव छायण पहुंचा, जहां 161 बीएसएफ बटालियन की टुकड़ी ने पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी की आंखें नम हो गईं। शंभू भारती के पार्थिव शरीर का विधि विधान के साथ और गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए अंतिम संस्कार किया गया। शंभू भारती के परिवार में पुत्र और पुत्री ,धर्मपत्नी मां, बहन और एक छोटा भाई है ।
बीएसएफ के जवान शंभू भारती का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह ज्यों ही बीएसएफ बटालियन उनके पैतृक गांव छायण लेकर पहुंची तो ग्रामीणों ने शंभू भारती अमर रहे के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। छायण गांव में स्कूल के विद्यार्थीयो द्वारा भी शंभू भारती अमर रहे के नारे लगाए। पार्थिव शरीर के घर पहुंचने पर सामाजिक रीति रिवाज के साथ समाधि स्थल पर ले जाया गया। बीएसएफ 161वी बटालियन के सब इंस्पेक्टर रणवीरसिंह , एसआइ सरदारसिंह 39 बटालियन, एएसआइ राजकुमार सिंह 87 बटालियन, बीएसएफ हेड कांस्टेबल सुलतालसिंह, बीएसएफ कांस्टेबल जसवंतसिंह भाटी छायण ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
रामदेवरा थानाधिकारी शंकरलाल, पुलिस कांस्टेबल योगेंद्र सिंह अजासर, पुलिस कांस्टेबल राजेश कुमार , पुलिस कांस्टेबल रूगनाथ , पुलिस कांस्टेबल झबराराम सहित सभी अधिकारियों ने बीएसएफ जवान शंभू भारती को सलामी दी। छायण गांव के कई जनप्रति निधि सहित ग्रामीणों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
Published on:
12 Mar 2025 10:11 pm
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