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टांके में गिरा ऊंट का बच्चा, सेना के जवानों की मदद से निकाला बाहर

टांके में गिरा ऊंट का बच्चा, सेना के जवानों की मदद से निकाला बाहर

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टांके में गिरा ऊंट का बच्चा, सेना के जवानों की मदद से निकाला बाहर

टांके में गिरा ऊंट का बच्चा, सेना के जवानों की मदद से निकाला बाहर

लाठी. क्षेत्र के गंगाराम की ढाणी के पास जंगल में 20 फीट गहरे टांके में गिरने ऊंट के बच्चे को सेना के जवानों ने ग्रामीणों की सहायता से 3 घंटे मशक्कत कर बाहर निकाला। गंगाराम की ढाणी के पास जंगल में वर्षों पुराना टांका निर्मित है। जिसकी गहराई करीब 20 फीट है। इस टांके पर ढक्कन नहीं होने के कारण यह खुला पड़ा है और आए इसमें पशु गिरकर चोटिल हो रहे है। कुछ दिन पूर्व पानी की तलाश में ऊंट का एक बच्चा उसमें गिर गया। सूचना पर श्रवण पूनिया, राकेश गोदारा सहित ग्रामीण एकत्रित हुए, लेकिन टांके की छत होने के कारण बछड़े को निकालना मुश्किल हो रहा था। यहां पास ही सेना की यूनिट थी, जिसे सूचना दी गई। जवानों ने जेसीबी की सहायता से टांके की छत को तोड़कर करीब 3 घंटे की मशक्कत कर ऊंट के बच्चे को बाहर निकाला। इसके बाद प्राथमिक उपचार करवाकर जंगल में छोड़ दिया।

अनियमितताओं की करें जांच
लाठी. ग्राम सेवा सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष ने जिला कलक्टर को एक ज्ञापन प्रेषित कर समिति की अनियमितताओं की जांच करने की मांग की है। जीएसएस लाठी के पूर्व अध्यक्ष अलूखां मंगलिया ने जिला कलक्टर को ज्ञापन प्रेषित कर बताया कि क्षेत्र में करीब 200-250 नलकूप स्थित है। जबकि यहां जीएसएस पर खाद व बीज नहीं मिलने के कारण किसानों को भटकना पड़ रहा है तथा महंगे दामों में खरीद करनी पड़ रही है। कार्यरत सहायक व्यवस्थापक की ओर से गत चार-पांच वर्षों खाद बीज का व्यवसाय बंद कर दिया गया है। लाठी गांव में कार्यालय, कम्प्यूटर आदि की व्यवस्था होने के बावजूद किसानों को ऋण आवेदन व अन्य कार्यों के लिए धोलिया गांव जाना पड़ता है। पूर्व में समिति की ओर से खाद बीज, दवाइयां आदि किसानों को उपलब्ध करवाई जाती थी, लेकिन यह कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है। सदस्यों को अन्नपूर्णा खाद्य सामग्री का वितरण भी व्यवस्थापक की ओर से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा कार्यालय भी लंबे समय से बंद पड़ा है। समिति के सदस्यों को ऋण खातों की जांच के लिए भी चक्कर लगाने पड़ रहे है तथा समिति का रिकॉर्ड भी सही नहीं है। उन्होंने फसली ऋण वितरण कार्य, बीमा क्लेम सहित समिति के रिकॉर्ड की जांच करने, बंद सेवाओं को सुचारु करवाने, किसानों को राहत दिलाने, अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।