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सूखे टांके में गिरा ऊंट, दो दिन बाद ग्रामीणों ने निकाला

सूखे टांके में गिरा ऊंट, दो दिन बाद ग्रामीणों ने निकाला

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सूखे टांके में गिरा ऊंट, दो दिन बाद ग्रामीणों ने निकाला

सूखे टांके में गिरा ऊंट, दो दिन बाद ग्रामीणों ने निकाला

सूखे टांके में गिरा ऊंट, दो दिन बाद ग्रामीणों ने निकाला
मोहनगढ़ / जैसलमेर. सरहदी जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी के साथ पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। नहरबंदी के बाद नहरी क्षेत्र में पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नहरी क्षेत्र में ग्रामीणों व मवेशियों के एिल पेयजल का संकट बना हुआ है। सरकार की ओर से पशुओं के पीने के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते आए दिन मूक प्राणी पानी के टांकों में गिरकर काल का ग्रास बन रहे है। ऐसी ही घटना शुक्रवार को मोहनगढ़ क्षेत्र में देखने को मिली। मोहनगढ़ क्षेत्र में आए पनोधरराय माता मंदिर के पास बने पानी के सूखे पड़े टांके में राज्य पशु ऊंट गिर गया। जिसकी जानकारी मिलने पर सांय ग्रामीण फूलसिंह बालाना, हमीरसिंह बालाना, सवाई सिंह बालाना, आनंद सिंह बालाना, रावल सिंह बालाना, तेजेन्द्र सिंह भाटी, चुतर सिंह भाटी, खेताराम भील आदि ने काफी मशक्कत के बाद राज्य पशु ऊँट को टांके से बाहर निकाला। ग्रामीणों का कहना था कि संभवतया पानी की तलाश में राज्य पशु लगभग दो या तीन दिन पहले टांके में गिरा होगा। जानकारी मिलने पर शुक्रवार की सांय को ऊंट को ग्रामीणों के सहयोग से बाहर निकाला गया। यदि ग्रामीणों ने इस मूक पशु को नहीं देखा होता व बाहन नहीं निकाला होता तो राज्य पशु काल का ग्रास बन जाता। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पशुओं के लिए पशु खेलियां बनाने व उसमें समय-समय पर पानी छोडऩे की बात कही।