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कार ऊंटों के झुंड से टकराई, 2 ऊंट की हुई मौत, एक घायल

- कार चालक भी हुआ घायल
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कार ऊंटों के झुंड से टकराई, 2 ऊंट की हुई मौत, एक घायल

कार ऊंटों के झुंड से टकराई, 2 ऊंट की हुई मौत, एक घायल

रामदेवरा। कस्बे के पास देर रात्रि एक तेज रफ्तार कार ऊंटों के झुण्ड से जोरदार टकरा गई। जिसके कारण 2 ऊंटो की मौत हो गई। वही एक ऊंट गंभीर हालत में होने के कारण उपचार करने वाली टीम अपने साथ ले गई। वही हादसे में कार चालक भी घायल हो गया। वहीं कार ऊंटों से टकराने के बाद सड़क किनारे खेत में उतर गई। हादसे में कार भी पूरी क्षतिग्रस्त हो गई है। देर रात्रि एक स्विफ्ट डिजायर कार राष्ट्रीय राजमार्ग 11 पर रामदेवरा से फलोदी की तरफ जा रही थी। इस दौरान डालीबाई चौराहा के पास दो दर्जन ऊंट हाईवे पर रामदेवरा की तरफ आ रहे थे। इस दौरान कार इस झुण्ड से टकरा गई। जिसके कारण तीन ऊंट इसकी चपेट में आ गए। ऊंटो को टक्कर मारने के बाद कार सड़क से नीचे उतर गई तथा एक ऊंट भी कार में फंस गया। घटना की सूचना मिलने पर रामदेवरा पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल ऊंट को निकालने के बाद कार चालक को अस्पताल पहुंचाया और कार को जब्त कर थाने ले जाया गया। हादसे में मौके पर एक ऊंट की मौत हो गई। वही देर रात दूसरे ऊंट की भी मौत हो गई।एक गंभीर घायल ऊंट को जोधपुर की एनजीओ उपचार के लिए अपने साथ ले गई।
एसडीएम ने दिखाई संवेदनशीलता -
वहीं घटना की सूचना मिलने पर देर रात्रि पोकरण उपखण्ड अधिकारी गोपाल परिहार ने पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ मानवता का परिचय देते हुए ग्रामीणों,पशु चिकित्सा विभाग टीम की सहायता से घायल ऊंटों का भी उपचार प्रारंभ करवाया। इस दौरान घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। हालांकि कार किस वजह से ऊंटों से टकराई यानी कि कार ड्राइवर को झपकी लगी या कुछ और कारण रहा इस बात का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है।
ग्राम पंचायत ने मृत ऊंटो के शव दफनाए -
हादसे में दो ऊंट मृत हो गए थे। इनके शव खुले में रहने दुर्गंध फैलने के साथ अन्य जंगली जानवर इनके शवो को नोच कर बिखरने शुरू हो गए थे। मामले की गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत ने ऊंटो के शव को जेसीबी से गड्ढा खोद कर उसमे उन्हे दफनाया।

राज्य पशु ऊंट बन रहा अकाल मौत का ग्रास
ऊंट राज्य पशु होने के बावजूद सुरक्षित नही है। ऊंट के लिए चारे पानी का कोई प्रबंध नहीं होने से राज्य पशु ऊंट खाने की तलाश में भटकते हुए अकाल मृत्यु का ग्रास बन रहे हैं। गत दिनों लाठी गांव के पास भी करीब एक दर्जन ऊंट ट्रेन की चपेट में आकर मर गए थे। उसके बावजूद जिम्मेदारो ने राज्य पशु ऊंट की सुरक्षा ,चारे पानी को लेकर कोई संज्ञान नही लिया है।
इनका कहना
ऊंटो के मामले शनिवार को जितनी उपचार और रेस्क्यू कर सकते थे वो की गई। एक गंभीर घायल ऊंट को जोधपुर का एक एनजीओ लेकर गया। वो ऊंट अब अच्छी हालत में है। दो की मृत्यु हो गई। इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगे इसको लेकर जरूर पशु चिकित्सा विभाग से बात की जाएगी।
- गोपाल परिहार,एसडीएम,पोकरण।