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मनाया राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, किया जनजागरण

मनाया राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, किया जनजागरण
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मनाया राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, किया जनजागरण

मनाया राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, किया जनजागरण

पोकरण. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशिक्षण सभागार मे ग्रामीण कृषकों एवं पशुपालकों के साथ कृषक संगोष्ठी का आयोजन कर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया। केंद्र के प्रभारी डॉ.बलवीर सिंह ने बताया कि श्वेत क्रांति के जनक डॉ.वर्गीज कुरियन की जयंती के मौके पर पूरे देश में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने मानव जीवन के दैनिक आहार में दूध की आवश्यकता और महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से इस दिवस को मनाने की बात कही। दूध वह पहला भोजन है जो बच्चा जन्म के बाद पीता है और जीवन भर आहार मे शामिल किया जाता है। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.रामनिवास ढाका ने बताया कि डेयरी फार्मिंग आज देश का सबसे बड़ा आत्मनिर्भर ग्रामीण रोजगार उत्पन्न करने वाला सैक्टर बन गया। उन्होंने दूध में मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फॉसफोरस, विटामिन डी, विटामिन बी 12, विटामिन ए, बी 2, नियासिनन व पेप्टाइड्स शरीर में ग्लूकोज टोलरेंस और इंसुलिन सेंसटिविटी को संतुलित करते हैं। जिसकी वजह से शरीर में बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल की ओर से आयोजित डेयरी का सतत विकास एवं स्वच्छ दुग्ध उत्पादन विषयक राष्ट्रीय वेबनार का प्रसारण किया गया। गोष्ठी में केंद्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ.केजी व्यास, प्रसार वैज्ञानिक सुनील शर्मा एवं बबलू शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
किया जनजागरण
आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के मौके पर कृषि एवं पर्यावरण के प्रति आमजनों में जागरुकता लाने के लिए पुरोहितसर गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्मिकों एवं विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रीय अभियान के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की समष्टिगत एक इकाइ है, जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते है तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते है। केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि छात्रों को कृषि कार्यों, बागवानी, किचन गार्डन, जल संग्रहण, कूड़ा करकट प्रबंधन आदि में अपना योगदान करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों से कृषि एवं पर्यावरण विषय पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया। कार्यक्रम में पवनकुमार, विनोदकुमार, किशनसिंह आदि उपस्थित रहे।