
वर्षों से बारिश के दौरान पानी ओवरफ्लो होकर सडक़ पर बहने और आवागमन बाधित होने की समस्या से निजात दिलाने के लिए शुरू किया गया। पुलिए का कुछ कार्य दो वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। इसके साथ ही यहां किया गया निर्माण कार्य उधड़ गया है। ऐसे में पानी की समस्या से निजात मिलने के बाद आवागमन की परेशानी बढ़ गई है। यहां सडक़ का निर्माण नहीं करवाए जाने के कारण हादसे का भय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार कस्बे में सबसे बड़ी तोलाबेरा नदी स्थित है, जो मदरसे के पास से रामदेव कॉलोनी, रेलवे स्टेशन रोड, डिस्कॉम कार्यालय व गुरुद्वारे के पास से, भवानीपुरा के पीछे से व्यास कॉलोनी, सुंदरनगर कॉलोनी होते हुए पोकरण रिण तक जाती है। कस्बे व आसपास क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान उत्तर की तरफ पहाड़ी से पानी इस तोलाबेरा नदी में आता है। साथ ही गली मोहल्लों व कस्बे के मदरसे के के आसपास की गलियों से पानी इस नदी में जाता है। कस्बे के डिस्कॉम कार्यालय के पास सडक़ के नीचे पाइप लगाए गए है, ताकि नदी का पानी एवं आसपास मोहल्लों से आने वाले गंदगी, कचरा आदि भी पाइप से होकर आगे जा सके। कई बार तेज बारिश के दौरान नदी का पानी उफान पर होने की स्थिति में पाइप एवं सडक़ के ऊपर तक आ जाता था। इसी को लेकर यहां पुलिए का निर्माण शुरू किया गया था। पुलिए का निर्माण कर सीसी सडक़ के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। जिसके कारण आमजन को परेशानी हो रही है।
तोलाबेरा नदी के पास ही डिस्कॉम कार्यालय भी स्थित है, जब तोलाबेरा नदी अपने पूरे वेग के साथ चलती है, तब पानी पुलिए के ऊपर से निकलने लगता है और तेज गति के साथ चलने के कारण सडक़ के ऊपर से पानी डिस्कॉम कार्यालय में भी घुस जाता था। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन के आसपास निवास कर रहे लोगों का कस्बे से संपर्क कट जाता है। जिससे आमजन को परेशानी से रूबरू होना पड़ता है। इसी को लेकर यहां पुलिए का जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया था।
सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से पुलिए के जीर्णोद्धार व नवनिर्माण का कार्य गत फरवरी 2023 में शुरू किया गया था। विभाग की ओर से पुलिए के नीचे लगे पुराने पाइपों को हटाकर नए सिरे से बड़े पाइप लगाने और उसके ऊपर सीसी सडक़ का निर्माण किया जाना था। इसके लिए 23 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। मौके पर नए सिरे से बड़े पाइप लगाकर पुलिए का निर्माण कर दिया गया, लेकिन उस पर सडक़ नहीं बनाई गई। जिसके कारण आधी-अधूरी सडक़ पूरी तरह से टूटकर बिखर व उधड़ चुकी है। ऐसे में राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
हालात यह है कि यहां गहरे गड्ढ़े हो गए है। गत वर्ष तेज बारिश के दौरान यहां गड्ढ़े गहरे हो गए और पुलिए की एक दीवार भी टूट गई। रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में गड्ढ़े नजर नहीं आते है। ऐसे में यहां किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। साथ ही किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। रेलवे स्टेशन, गुरुद्वारा, आबकारी विभाग, डेयरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, डाक बंगला, डिस्कॉम कार्यालय, पशु चिकित्सालय भी इसी मार्ग पर स्थित है। रामदेव कॉलोनी व रेलवे कॉलोनी के वाशिंदे भी इसी मार्ग से आवागमन करते है, जिसके कारण दिन-रात यहां राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन लगा रहता है। जिन्हें परेशानी हो रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी भी इसी मार्ग से गुजरने के बावजूद समस्या के समाधान को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।
पुलिए का निर्माण कार्य दो वर्ष से अधूरा पड़ा है। यहां गहरे गड्ढ़े हो गए है। सीसी सडक़ भी नहीं बनाई गई है। जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है।
रात में इस मार्ग पर रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां हुए गहरे गड्ढ़ों व उधड़ी सडक़ के कारण हादसे का भय बना हुआ है, जबकि कार्य पूर्ण करवाने व मरम्मत को लेकर कोई प्रयास देखने को नहीं मिल रहे हैं।
Published on:
20 May 2025 10:14 pm
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