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बर्ड फ्लू से हुई कुरजां की मौत, 3 और कुरजां मृत मिली

गत दिनों पशुपालन विभाग ने मृत कुरजाओं के विसरा सेम्पल भोपाल भिजवाए थे। बीती रात प्राप्त रिपोर्ट में उनके बर्ड फ्लू से मारे जाने की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है और सभी संबंधित विभागों के साथ बुधवार सुबह जिला कलक्टर प्रतापसिंह ने बैठक कर उनसे समन्वय बना कर आगामी कदम उठाने के लिए कहा।

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- भोपाल लैब में हुई पुष्टि
- प्रशासन ने ऐहतियाती कदम उठाए

जिले में पिछले दिनों के दौरान मृत पाई गई प्रवासी कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) पक्षियों की मौत के कारण का खुलासा हो गया है। दो अलग-अलग दिनों में मृत मिली कुल 8 कुरजां की मौत बर्ड फ्लू संक्रमण की चपेट में आने से हुई। इसकी पुष्टि भोपाल स्थित निषाद लैब में हो गई है। गत दिनों पशुपालन विभाग ने मृत कुरजाओं के विसरा सेम्पल भोपाल भिजवाए थे। बीती रात प्राप्त रिपोर्ट में उनके बर्ड फ्लू से मारे जाने की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है और सभी संबंधित विभागों के साथ बुधवार सुबह जिला कलक्टर प्रतापसिंह ने बैठक कर उनसे समन्वय बना कर आगामी कदम उठाने के लिए कहा। दूसरी तरफ बर्ड फ्लू से कुरजां पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी है। बुधवार को फतेहगढ़ क्षेत्र के देगराय ओरण क्षेत्र में लखमणा नाडी में 3 कुरजां मृत अवस्था में मिली। जिनका वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया गया। इस बीच प्रशासन की तरफ से फतेहगढ़ क्षेत्र के देगराय ओरण क्षेत्र के तालाब क्षेत्र को प्रभावित हॉटस्पॉट घोषित कर दिया है। इस मामले में पशुपालन विभाग, वन विभाग और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। गौरतलब है कि जिले के देगराय ओरण क्षेत्र में स्थित तालाब क्षेत्र में 11 और 12 जनवरी को क्रमश: 6 और 2 कुरजां पक्षी मृत मिले थे। उनके विसरा सेम्पल जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे, जिसके द्वारा जांच में उनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।

3 और पक्षी मिले मृत

जिला कलक्टर के साथ बैठक के बाद फतेहगढ़ उपखंड अधिकारी शिवा जोशी, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वरंगटिवार और वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया तब लखीणा नाडी क्षेत्र उन्हें 3 पक्षी मृत दिखाई दिए। जिसके बाद गड्ढा खोद कर उनके शवों को गाड़ा गया। डॉ. वरंगटिवार ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए गाइडलाइन बनाई गई है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू संक्रमण से पशु-पक्षियों के साथ इंसानों को भी खतरा रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन के दिशा निर्देशानुसार सभी संबंधित विभाग समन्वित ढंग से अग्रिम कार्रवाई कर रहे हैं।मृत पशु-पक्षी से दूर रहें, तुरंत सूचित करेंइस बीच संबंधित विभागों की ओर से आमजन विशेषकर ग्रामीणों से अपील की गई है कि उनके क्षेत्र में पशु या पक्षी मृत दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को दे। साथ ही उन मृत पशु-पक्षियों से दूर रहें। प्रशासन की तरफ से इस मामले में क्यूआरटी का गठन किया गया है। इस त्वरित प्रतिक्रिया टीम में पशुपालन व वन विभाग को शामिल किया गया है। वन विभाग की ओर से तालाबों व अन्य जलाशयों पर गश्त बढ़ाने की बात सामने आई है। साथ ही आने वाले समय में केमिकल का छिडक़ाव जैसे उपाय भी अमल में लाए जाएंगे।