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आरएएस प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने की मांग, सौंपा ज्ञापन

आरएएस प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने की मांग, सौंपा ज्ञापन
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आरएएस प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने की मांग, सौंपा ज्ञापन

आरएएस प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने की मांग, सौंपा ज्ञापन


जैसलमेर. आरएएस 2018 की संपूर्ण प्रक्रिया की न्यायिक जांच करवाकर जिम्मेदार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं की ओर से 2 अगस्त को जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। तारेन्द्रसिंह झिनझिनयाली, सूरजपालसिंह बडोडा गांव, हरिसिंह डांगरी, सवाईसिंह, पुंजराजसिंह देवड़ा, कंवराजसिंह लूणा, भवानीसिंह देवड़ा, कंवराजसिंह सेतरावा, डॉ. चंदनसिंह तंवर, शिवेंद्रसिंह बेरसियाला, वीरसिंह तेजमालता आदि उपस्थित रहे। इस दौरान अवगत कराया गया कि आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 को लेकर विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं नित्य प्रति उद्घाटित हो रही हैं। पहले आरपीएससी का एक सदस्य के नाम पर 23 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया, शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा पर उनके रिश्तेदारों को साक्षात्कार में लिखित परीक्षा से दुगुने नंबर दिलवाने का आरोप व उनके प्रमाण पत्र की प्रमाणिकता पर भी प्रश्न उठाए गए है, उसके बाद पिछले दिनों जोधपुर में 20 लाख के साथ साक्षात्कार में रिश्वत का लेन देन करने वाले दलाल पकड़े गए। इन सब घटनाओं ने राज्य को प्रशासनिक अधिकारी उपलब्ध करवाने वाली सर्वोच्च संस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है। राज्य की प्रशासनिक मशीनरी की संपूर्ण चयन प्रक्रिया संशय के घेरे में आ गई है। इस परीक्षा की तैयारी करने वाला सामान्य विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में निराशा व्याप्त है। इन सब परिस्थितियां से सरकार और उसके प्रशासन की विश्वसनीयता के लिए गंभीर आक्षेप हैं।