
पोकरण. यूं उमड़ती है जोधपुर के पदयात्री संघों की भीड़। फाइल
पोकरण. भादवा माह में रामदेवरा में आयोजित होने वाला बाबा रामदेव का अंतरप्रांतीय मेला कुछ दिन ही दूर है, लेकिन मेलार्थियों की आवक श्रावण माह के शुक्ल पक्ष से ही शुरू हो जाती है। हर साल 30 से 40 लाख श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचते है, जिनमें 60-70 प्रतिशत पोकरण आकर बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज के आश्रम और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन करते है। बावजूद इसके पोकरण में श्रद्धालुओं के लिए कोई विशेष व्यवस्थाएं नहीं की जाती है, जिससे उन्हें हर बार परेशानियों से रु-ब-रु होना पड़ता है। करीब 10-15 दिनों बाद श्रद्धालुओं की आवक शुरू हो जाएगी। लाखों श्रद्धालु पोकरण पहुंचेंगे, लेकिन उनके लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने को लेकर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रामदेवसर व सालमसागर तालाब के समीप लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम स्थित है। मान्यता है कि यहीं बाबा रामदेव की भैरव राक्षस से भेंट हुई थी और उन्होंने उसे पास की पहाड़ी पर स्थित गुफा में बंद किया था। यह आश्रम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन यहां व्यवस्थाएं नगण्य है। छाया, पानी आदि की कोई व्यवस्था नहीं होने से लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
पोकरण में मेले के दौरान हर साल अव्यवस्था की कहानी दोहराई जाती है, लेकिन व्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। प्रशासन का ध्यान रामदेवरा पर ही रहता है। यहां आने वाले 15-20 लाख श्रद्धालुओं के लिए केवल 40-50 पुलिसकर्मी व एक आरएसी बटालियन रहती है। सफाई व्यवस्था के नाम पर कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं होती है।
भादवा माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी से जोधपुर से पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की पोकरण में चार दिन तक आवक होती है और यहां पड़ाव भी डालते है। इस दौरान सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं होते है। विशेष रूप से यातायात व्यवस्था की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात बिगड़ जाते है और लंबा जाम लग जाता है।
प्रतिवर्ष आने वाली इस भीड़ के बावजूद पोकरण में सुदृढ़ व्यवस्थाएं नहीं की जाती है। रामदेवरा जाने वाले एवं वापिस आने वाले 60 से 70 प्रतिशत श्रद्धालु पोकरण होकर गुजरते है। लाखों श्रद्धालुओं की आवक को देखते हुए यहां प्रशासन को बेहतर व्यवस्थाएं करने की जरुरत है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा व राहत मिल सके।
मेला तैयारियों को लेकर गत दिनों जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए चर्चा की गई थी। पोकरण में भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की आवक से पूर्व व्यवस्थाओं को चाक चौबंद किया जाएगा।
- हीरसिंह चारण, उपखंड अधिकारी, पोकरण
Updated on:
04 Aug 2026 08:21 pm
Published on:
04 Aug 2026 08:21 pm
