18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धर्म-कर्म : आशापुरा मंदिर में पूर्णाहुति के साथ शतचंडी महायज्ञ संपूर्ण

पोकरण कस्बे के आशापुरा मंदिर में भारतीय लघु पंचांग परिवार एवं बीकानेर व पोकरण के श्रद्धालुओं के सहयोग से गत 5 दिनों से चल रहे शतचंडी महायज्ञ की मंगलवार को पूर्णाहुति की गई।

2 min read
Google source verification
jsm news

पोकरण कस्बे के आशापुरा मंदिर में भारतीय लघु पंचांग परिवार एवं बीकानेर व पोकरण के श्रद्धालुओं के सहयोग से गत 5 दिनों से चल रहे शतचंडी महायज्ञ की मंगलवार को पूर्णाहुति की गई। शतचंडी महायज्ञ के आचार्य पंडित अशोक बिस्सा सन्ना महाराज बीकानेर ने बताया कि मल मास में आयोजित किए जाने वाले महालक्ष्मी प्रसन्न अनुष्ठान के अंतर्गत गत 27 दिसंबर को शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को दिन भर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान कई यजमानों व श्रद्धालुओं ने षोड्षोपचार विधि से आशापुरा देवी की प्रतिमा पर पंचामृत से अभिषेक किया और पूजा-अर्चना, मंडप पूजन, कुमारी पूजन, 10 दिगपाल पूजन कर बालाकोकिला, दाणु हल्दी, बिल्वपत्र, कमलगट्टा, केशर, मेवे, नागरमोथा, सुगंधकोकिला, कपूर काचरी सहित अन्य औषधियों के साथ यज्ञ में आहुतियां दी। पंडितों के सानिध्य में दिनभर चले हवन में बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर, जोधपुर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से यज्ञ में आहुतियां दी।

देव विसर्जन के बाद भंडारे का आयोजन

आचार्य बिस्सा ने बताया कि शतचंडी यज्ञ शुरू होने से पूर्व सभी देवी देवताओं का पूजन कर यज्ञ को निर्विघ्न पूर्ण करने व उसकी सफलता के लिए यज्ञ में उपस्थित होने के लिए उनका विधि विधान के साथ आह्वान किया गया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 5 दिवसीय हवनात्मक शतचंडी महायज्ञ पूर्ण हुआ। मंगलवार शाम हवन की पूर्णाहुति के बाद सभी देवी देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन किया गया। शाम 7 बजे बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

1.20 लाख पुष्पों से पूजा-अर्चना

उन्होंने बताया कि लगातार दूसरी बार इस वर्ष भी शतचंडी यज्ञ के साथ लक्षार्चन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत चार दिनों तक प्रतिदिन 30 हजार गुलाब के पुष्पों से अर्चना की जाती थी। चार दिनों में 1.20 लाख गुलाब के पुष्पों से अर्चना कर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का विशेष अनुष्ठान किया गया।

पंचांग का विमोचन

उन्होंने बताया कि भारतीय लघु पंचांग परिवार की ओर से प्रतिवर्ष पंचांग जारी किया जाता है। जिसका आशापुरा माता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ विमोचन कर श्रद्धालुओं को नि:शुल्क वितरित किया जाता है। इसी के तहत मंगलवार को पंचांग का पूजन कर मां आशापुरा के चरणों में चढ़ाया गया और उसका विमोचन किया गया। इसके बाद पंचांग का वितरण शुरू किया गया।