8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गंदे व बदबूदार पानी से फैल सकती है बीमारियां

- उपेक्षा के शिकार हो रहे परंपरागत पेयजल स्त्रोत
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जैसलमेर

•

image

Deepak Vyas

•

Updated: 30 May 2021, 8:05 PM IST

गंदे व बदबूदार पानी से फैल सकती है बीमारियां

गंदे व बदबूदार पानी से फैल सकती है बीमारियां

नोख. क्षेत्र के बोड़ाना गांव में लम्बे समय से बिना फिल्टर के गंदे पानी की आपूर्ति होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि विभाग की ओर से फिल्टर प्लांट लगाया गया है, लेकिन बेकार साबित हो रहा है। यहां लगा एक हेण्डपंप भी नकारा पड़ा है। साथ ही गांव के परंपरागत पेयजल स्त्रोत भी उपेक्षा का शिकार होने के कारण बंद पड़े है। ऐसे हालातों में बोड़ाना के वाशिंदोंं को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। बोड़ाना गांव में नहर से जलापूर्ति की जाती है। पानी को फिल्टर करने के लिए जलदाय विभाग की ओर से प्लांट भी लगाया गया है, जो लम्बे समय से बंद पड़ा है। गांव में जलापूर्ति को लेकर पानी संग्रहण करने के लिए एक बड़ा खुला हौद निर्मित है। उसके पास ही एक खुली जीएलआर भी है। फिल्टर प्लांट बंद होने के कारण ग्रामीणों को नहर से आने वाले पानी की सीधी आपूर्ति की जाती है। बदबूदार व दुषित पानी के कारण ग्रामीणों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
हेण्डपंप नकारा, परंपरागत स्त्रोतों की सुध नहीं
गांव में पेयजल आपूर्ति के स्थल के पास ही एक हेण्डपंप भी लगा हुआ, जो पूरी तरह से नकारा व खराब पड़ा है। यदि इस हेण्डपंप को ठीक किया जाता है, तो नहरबंदी व अन्य हालातों में उपयोगी साबित हो सकता है। इसी प्रकार गांव में एक पुराना कुंआ स्थित है। उपेक्षा के कारण यह कुंआ भी बंद पड़ा है। नहरी पानी की आवक से पूर्व यह कुंआ बोड़ाना सहित आसपास क्षेत्र की ढाणियों के वाशिंदों की प्यास बुझाता था। यदि इस कुंए को भी पुन: शुरू किया जाता है, तो ग्रामीणों को शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकता है।
फिल्टर प्लांट करें शुरू
गांव में नहर से आने वाला पानी दुषित व बदबूदार है। फिल्टर प्लांट बंद पड़ा है। जिसके कारण बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों को शुद्ध पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। जिससे परेशानी होती है। फिल्टर प्लांट को शुरू करें, तो ग्रामीणों को शुद्ध पानी मुहैया हो सकता है।
नरेन्द्रसिंह, सरपंच ग्राम पंचायत, बोड़ाना।