
जैसलमेर. जवाहिर चिकित्सालय के सामने क्षतिग्रस्त डिवाइडर।
जैसलमेर. स्वर्णनगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर शहर को आकर्षक और आधुनिक स्वरूप देने के लिए करीब सात करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से शहर सौंदर्यीकरण कार्यों के तहत निर्मित डिवाइडरों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। हनुमान चौराहे से विजय स्तंभ मार्ग तक हाल ही में पत्थरों के कलात्मक डिवाइडरों का जवाहिर अस्पताल के सामने वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे पहले पंचायत समिति सम कार्यालय और अन्य जगहों पर वाहनों की टक्कर से नए डिवाइडर के टूटने का सिलसिला बना हुआ है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों में निर्माण कार्य डिजाइन और गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निर्माण की मजबूती, तकनीकी मानकों और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। गौरतलब है कि पहले चरण में करीब 4.50 करोड़ और दूसरे में 2.50 करोड़ की लागत से इन डिवाइडरों का निर्माण नगरपरिषद की ओर से करवाया गया है।
शहर के प्रमुख मार्गों को सुंदर बनाने के उद्देश्य से लगाए गए इन कलात्मक डिवाइडरों को जैसलमेर की नई पहचान के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा है। इन पर विशेष डिजाइन, रंग-रूप और आकर्षक स्वरूप दिया गया है ताकि पर्यटकों पर अच्छा प्रभाव पड़े लेकिन बार-बार डिवाइडर के क्षतिग्रस्त होने से नकारात्मक संदेश जा रहा है। कुछ समय पहले सम समिति के समीप और कलेक्ट्रेट मार्ग पर भी नया डिवाइडर क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय भी लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर की सुंदरता केवल आकर्षक निर्माण से नहीं, बल्कि उसके नियमित रखरखाव और प्रभावी निगरानी से भी कायम रहती है। यदि किसी वाहन की टक्कर से डिवाइडर क्षतिग्रस्त होता है तो उसकी समय पर मरम्मत होना आवश्यक है। वहीं यदि निर्माण सामग्री या डिजाइन में ही कमी है तो इसकी तकनीकी जांच कर उसे दूर करना चाहिए। अन्यथा करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद सौंदर्यीकरण कार्य लंबे समय तक टिकाऊ साबित नहीं हो पाएंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में सौंदर्यीकरण के नाम पर बड़ी राशि खर्च की जा रही है, लेकिन यदि नए निर्माण कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त होने लगें तो जनता के धन का उद्देश्य पूरा नहीं होता।
क्या कह रहे जैसलमेरवासी
शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने और जैसलमेर की खूबसूरती निखारने के लिए किए जा रहे विकास कार्य तभी सार्थक माने जाएंगे, जब उनमें गुणवत्ता, मजबूती और जवाबदेही भी समान रूप से दिखाई दे।
- आनन्दसिंह भाटी
बार-बार टूटते डिवाइडर यह संकेत दे रहे हैं कि केवल आकर्षक डिजाइन पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत निर्माण, नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव ही शहर की सुंदरता को स्थायी बना सकते हैं।
- गिरिराज पुरोहित
नगरपरिषद की ओर से लगाए गए पत्थर के कलात्मक डिवाइडरों के टूटने की एकमात्र वजह वाहनों की टक्कर लगना है। अधिकांश मामलों में चालक शराब पीकर वाहन चलाते हुए या असावधानी में इन्हें टक्कर मार कर क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। इससे सबक लेते हुए आगामी दिनों में गीता आश्रम चौराहा से डेडानसर मार्ग तक के डिवाइडर रॉ पत्थर से निर्मित किए जाएंगे। जिससे वे सुंदर दिखेंगे और मजबूत भी साबित होंगे।
- लजपालसिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर
Updated on:
19 Jul 2026 08:38 pm
Published on:
19 Jul 2026 08:38 pm
