
लम्बे समय से सूखा जीएलआर,पेयजल संकट से बेहाल ग्रामीण
रामदेवरा. क्षेत्र के सरणायत गांव में गत लम्बे समय से जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। सरणायत में 150 परिवार निवास करते है। यहां निर्मित जीएलआर में गत लम्बे समय से जलापूर्ति नहीं हो रही है। जिससे ग्रामीणों को ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जलदाय विभागाधिकारियों से यहां जलापूर्ति सुचारु करवाने की मांग की है। इसी प्रकार जीएलआर की गत लम्बे समय से मरम्मत भी नहीं हुई है। जिससे जीएलआर का छत क्षतिग्रस्त पड़ा है। ऐसे में कचरा व गंदगी उडकऱ जीएलआर में जमा हो रही है।
मंधा में पीने के लिए नहीं आ रहा पानी
मोहनगढ़. कस्बे से लगभग 40 किमी दूर नहरी क्षेत्र में आए मंधा गांव में गत 15 दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं होनें से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। गांव मे बनी पानी की टंकी में जोड़े गए पाइप को लोग खोलकर ले गए। ग्रामीणों का कहना है कि इन दिनों टंकियों मे पानी की दो टंकियों बनी हुई है, जिसमे एक टंकी में तो जब से बनी है तब सें पानी आया ही नहीं है। सर्दी के मौसम में भी पीने के पानी की समस्या के चलते ग्रामीणों में काफी रोष है। मंधा के ग्रामीणों प्रागा राम, तगाराम, कोजाराम, प्रेमाराम, हरजीराम, केवलाराम, खूबाराम, हड़ंताराम, दुर्गा राम आदि बताते हैं कि गांव मे पेयजल की किल्लत होने से मजबूरी में तालाब का पानी पीना पड़ता है जो गंदा हैै।सर्दी के मौसम में पेयजल की किल्लत होने से गांववासियों को मंहगे भाव सें पानी के टैंकर मंगवानें पडते है।
कॉलोनी मे पेयजल संकट
फतेहगढ़. उपखंड क्षेत्र के मोढा ग्राम पंचायत स्थित मांंगनियार कॉलोनी मे पेयजल आपूर्ति लडखड़ाने सें ग्रामीणों को पेयजल समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। गांव मे बनी पानी की जीएलआर काफी दिनों से सूखी पडी़ है जिससे लोगों को कठिनाइयां आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से ग्रामीणों को पेयजल सुलभ करवाने के लिए मोढा़ ग्राम पंचायत मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर मंगनियार कॉलोनी मे जीएलआर का निर्माण करवाकर उसे पाइप लाइन से जोड रखा है, लेकिन वर्तमान में यहां बनी जीएलआर काफी दिनों से सूखी है, जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गौरतलब है कि मोढा़ गांव मे गत बारह वर्ष पूर्व आई बाढ़ से कई लोगों के मकान बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिन्हे जिला प्रशासन की ओर सें ग्राम पंचायत मुख्यालय से करीब तीन किमी दूर स्थित सरकारी भूमि को आबादी भूमि मे परिवर्तन कर इस जाति के लोगों को वहां पर स्थायी रूप से बसा कर इस जगह को मंगणियार कॉलोनी का नाम दे दिया तथा यहां के लोगों को पेयजल की व्यवस्था के लिए जीएलआर का निर्माण करवा दिया। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति ठप रहने से उनकों व पशुधन को काफी परेशानी हो रही है तथा पेयजल के अभाव में लोगों को मंहगे भाव से पानी के टै्रक्टर लाकर अपनी व पशुओं की प्यास बुझानी पड़ती है जो आम आदमी के बूते के बाहर की बात है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पेयजल व्यवस्था सुचारू करानें की मांग की है।
Published on:
26 Dec 2018 06:49 pm
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