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ट्यूबवेल खुदाई के दौरान फूटा पानी का फव्वारा, खेत बना तालाब, आसपास के किसानों की अटकी सांसे

मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र के 27 बीडी के चक तीन जोरावाला में एक खेत में ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान पानी का फव्वारा फूट पड़ा।

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मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र के 27 बीडी के चक तीन जोरावाला में एक खेत में ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान पानी का फव्वारा फूट पड़ा। दिन भर तेज गति से पानी निकलता रहा, जिसे देखने के लिए दूर दराज के इलाकों से ग्रामीण पहुंच रहे थे। तेज गति से पानी के निकलने से खेत पूरा पानी से भर गया। खेत एक बड़े तालाब के रूप में नजर आ रहा था। कुछ ही देर में आसपास के किसानों की सांसे फूल गई। खड़ी फसलों के नष्ट होने का खतरा मंडराता नजर आया। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन, भू जल विभाग, पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और िस्थति का जायजा लिया। किसानों व ग्रामीणों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए पानी निकलने वाले स्थान से लगभग 500 मीटर दूर रहने की सलाह दी गई। नायब तहसीलदार ललित चारण, भू-जल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया, मोहनगढ़ पुलिस थानाधिकारी प्रेम प्रकाश के अलावा पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

खुदाई के बाद जमीन से निकला पानी

नहरी क्षेत्र में खेत में ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान तेज गति से पानी निकला कौतूहल का विषय बना हुआ है जानकारी आुनसार 27 बीडी के चक तीन जोरावाला में एक निजी मुरब्बा आया हुआ है, जिसमें निजी कंपनी की ओर से ट्यूबवेल की खुदाई का कार्य किया जा रहा था। लगभग आठ सौ से अधिक फीट तक कार्य पूरा होने के बाद पाइप बाहर निकालने के दौरान तेज गति से पानी बाहर निकलना शुरू हो गया। कुछ ही देर में पानी फव्वारा तेज होता नजर आया। जिसकी वजह से खेत पूरा जलमग्न हो गया। पानी के ज्यादा बढते देख प्रशासन को सूचना दी गई। प्रशासनिक व भू जल विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पानी का प्रेशर लगातार बढ़ता नजर आया।ट्यूबवेल खोदने आई मशीन भी धीरे धीरे पानी में समाहित होते नजर आई। मशीन को जेसीबी से निकालने के प्रयास भी किए गए। दिन भर पानी के निकलने के दौर जारी रहा। जिसके चलते प्रशासन ने पांच सौ मीटर तक किसी भी व्यक्ति नजदीक नहीं आने की हिदायत दी गई। वहीं मुरब्बे में बने मकान को पूरी तरह से खाली करने के निर्देश दिए गए।

एक्सपर्ट व्यू:

ग्राउंड वाटर का लेवल बराबर होगा तो थम जाएगी जल-धाराभू- जल वैज्ञानिक डॉ नारायण दास इणखिया का कहना है कि जमीन के अंदर अधिक खुदाई होने के कारण जमीन के अंदर का पानी तेज गति के साथ बाहर आ रहा है। जब ग्राउंट वाटर का लेवल बराबर होगा तब पानी अपने आप रूक जाएगा। ग्राउंड वाटर का लेवल बराबर नहीं होगा तब तक पानी निकलता रहेगा। उधर, राजस्व नायब तहसीलदार ललित चारण का कहना था कि कृषि कार्य के उपयोग के लिए ट्युबवेल खोदने के लिए कोई अनुमति की कोई जरूरत नहीं है। शनिवार को खुदाई के दौरान निकाले पानी की वजह से खेत तालाब बन गया। पानी के निकलने की गति पूरे दिन एक जैसी बनी रही। पानी कम नहीं हो पाया। जिला कलेक्टर इस पर नजर बनाए हुए है। रविवार को बाड़मेर से कैयर्न एनर्जी की टीम आएगी और प्रारंभिक जांच कर जिला कलेक्टर को रिपोर्ट देगी। उसके बाद ही पानी के बंद करने की कार्यवाही की जाएगी।