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जिलापरिषद के वार्ड संख्या 15 के निर्वाचित सदस्य का निर्वाचन निरस्त

-कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित सदस्य है कान भारती-5 वर्ष या अधिक के कारावास के दंडनीय अपराध के आरोप के तथ्य छिपाए थे

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जिलापरिषद के वार्ड संख्या 15 के निर्वाचित सदस्य का निर्वाचन निरस्त

जिलापरिषद के वार्ड संख्या 15 के निर्वाचित सदस्य का निर्वाचन निरस्त

जैसलमेर. जिलापरिषद के वार्ड संख्या 15 के निर्वाचित सदस्य का निर्वाचन निरस्त करने के आदेश जिला न्यायालय ने दिए है। गौरतलब है कि जिला परिषद के चुनाव में जिला परिषद के सदस्य के निर्वाचन के लिए वार्ड संख्या 15 से कान भारती की ओर से बतौर सदस्य कांग्रेस पार्टी की ओर से आवेदन किया गया था। आवेदन में उसने अपने विरुद्ध किसी भी प्रकार से कोई मुकदमा लंबित होने से इनकार करते हुए आवेदन में प्रारूप घ में उसने अपने विरुद्ध लंबित केसों में ऐसे अपराधों का अभियुक्त नहीं होना बताया था, जिसमें 5 वर्ष या अधिक के कारावास के दंडनीय अपराध का आरोप होने और उसमें सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय की ओर से आरोप विरचित कर दिए जाने की सूचना के कॉलम में शून्य लिखते हुए किसी प्रकरण के विचाराधीन होने से इनकार किया था। इसी चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी गुड्डी माली पत्नी जानकीलाल माली निवासी पुरोहितसर लंवा तहसील पोकरण जिला जैसलमेर ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से अपना आवेदन किया था, जिसके चुनाव 20 एवं 27 नवंबर 2020 को संपन्न हुए थे एवं इसका परिणाम 8 दिसंबर 2020 को घोषित किया गया था। परिणाम में कांग्रेस प्रत्याशी कान भारती को विजयी घोषित किया गया था। गुड्डी माली ने कान भारती के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के तहत जिला न्यायालय जैसलमेर में चुनाव याचिका अपने अधिवक्ता कंवराजसिंह राठौड़ की ओर से पेश करते हुए बताया था कि कान भारती ने अपने विरुद्ध लंबित प्रकरणों के तथ्य एवं सूचना को छुपाते हुए आवेदन किया है और वह चुनाव में भागीदार बनने योग्य नहीं है। उसका चुनाव अवैध घोषित कर निरस्त किया जाए। कान भारती के विरुद्ध अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पोकरण के न्यायालय में कुल 3 प्रकरण लंबित थे, जिनमें उनको अपराध तहत धारा 409, 420, 467, 468, 471 व 120 बी भारतीय दंड संहिता में आरोप सुनाया जा चुका था और प्रकरण लंबित थे जबकि इन तीनों प्रकरणों के लंबित होने की जानकारी कान भारती की ओर से अपने नाम निर्देशन पत्र में छिपाई गई थी। यदि यह जानकारी उनके नाम निर्देशन पत्र में लिखी गई होती तो उनका नाम निर्देशन पत्र उसी समय निरस्त हो जाता, जबकि यह जानकारी नाम निर्देशन पत्र में अंकित नहीं होने से उनका नाम निर्देशन पत्र स्वीकार किया गया था।
उपरोक्त तीनों प्रकरणों से संबंधित तथ्य के साथ चुनाव याचिका जिला न्यायालय के न्यायालय में पेश की गई, जिसमे 6 मई 2020 को जिला न्यायालय में जिला न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा की ओर से गुड्डी माली की ओर से पेश चुनाव याचिका को स्वीकार करते हुए, कान भारती को तत्समय चुनाव लडऩे के लिए अयोग्य मानते हुए, कान भारती के वार्ड संख्या 15 जिला परिषद सदस्य के चुनाव को निरस्त घोषित कर दिया है, याचिकाकर्ता गुड्डी माली की ओर से न्यायालय में पैरवी कंवराजसिंह राठौड़ एडवोकेट ने की। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 के अनुसार कोई भी व्यक्ति जिसमें सक्षम न्यायलय की ओर से संज्ञान लिया जाकर यदि ऐसे अपराध के आरोप में आरोप विरचित कर दिए गए हैं, जिनकी सजा 5 साल या इससे से अधिक है और प्रकरण विचाराधीन है तो वह व्यक्ति पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव नहीं लड़ सकता।