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व्यवस्था पर गिर रही ‘बिजली’ -3 जिलों के 14 गांव केवल एक लाइनमेन के भरोसे

-सरहदी जिले के दूरस्थ नोख क्षेत्र में बिजली कर रही छल-उपभोक्ताओं की 90 किलोमीटर दूर नाचना क्षेत्र में जाना बना मजबूरी
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 26 Jun 2021, 9:12 PM IST

व्यवस्था पर गिर रही 'बिजली' -3 जिलों के 14 गांव केवल एक लाइनमेन के भरोसे

व्यवस्था पर गिर रही 'बिजली' -3 जिलों के 14 गांव केवल एक लाइनमेन के भरोसे


नोख (जैसलमेर). जिले के नोख गांव स्थित जीएसएस से जुड़े क्षेत्र में कर्मचारियों की कमी और अन्य कारणों से विद्युतापूर्ति हर वक्त लडख़ड़ाई रहती है,जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । नोख बीठे का गांव सड़क मार्ग पर स्थित जीएसएस से नोख के साथ साथ ग्राम पंचायत के कई गांव, ढाणियां और एक सोलर प्लांट व जोधपुर व बीकानेर जिले के कई गांवों को विद्युतापूर्ति की जाती है, लेकिन इतने बड़े क्षेत्र में विधुतापूर्ति के बाद भी डिस्कॉम की ओर से यहां पर केवल एक लाइनमेन कार्यरत हैं। ऐसे में क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था लडख़ड़ाई रहती है । उस पर भी नोख गांव में तीन दशक से अधिक समय से लगे पोल व तारे समस्या को बढा रहे हैं । गांव में जगह जगह ढीले विधुत तार भी समस्या का कारण बन रहे हैं ।
चार फीडर, पांचवें की तैयारी
नोख जीएसएस में चार फीडर बनाए गए हैं । इनमें नोख फीडर से नोख, मेघवालों की ढाणी, गैलाबा, मोंगलियों की ढाणी, ठाकरबा गांवों की आपूर्ति होती है। इसी तरह से सांवरा गांव फीडर से जोधपुर जिले के सांवरा गांव, मनजीतिया, बीकानेर जिले के सेवड़ा, दादू का गांव, नेतावतों की ढाणी को, तीसरे फीडर बीठे का गांव से बीठे का गांव, रामनगर व जोधपुर जिले के मांडली तथा चौथे फीडर से सोलर प्लांट गोदावरी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को विद्युतापूर्ति होती है। वहीं यहां से कुछ ही समय बाद एक और फीडर स्थापित होगा जिससे नोख की पेयजल आपूर्ति के लिए विद्युतापूर्ति होगी।
यह है हकीकत
-चार फीडर के 14 स्थानों व जीएसएस एक ही लाइनमेन के भरोसे है।
-यहां पर जीएसएस व चारों फीडर पर नियमानुसार कर्मचारियों की नियुक्ति होनी चाहिए।
-नोख जीएसएस को जोधपुर जिले के भींवजी का गांव से 33 केवी की लाइन से विद्युतापूर्ति होती है। -इस लाइन की दूरी करीब 25 किमी होने से आए दिन विद्युत व्यवधान उत्पन्न हो जाता है।
-मौसम खराब होने और तेज हवाओं के दौरान बार बार लाइन फॉल्ट हो जाती है और नोख क्षेत्र की विधुतापूर्ति बाधित हो जाती है।
-लम्बी दूरी की लाईन व कर्मचारियों की कमी के कारण विद्युतापूर्ति सुचारू करने में भारी परेशानी आती है।
-आपूर्ति सुचारू होने में समय लगने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
-लंबी दूरी की लाइन के पोल पुराने होने से जर्जर हाल स्थिति में पहुंच चुके हैं और आंधी तुफान की चपेट में आकर धराशायी हो जाते हैं।
फैक्ट फाइल
-2 हजार के करीब उपभोक्ता निवास करत है क्षेत्र में
-14 गांव आते है तीन जिलों के उक्त क्षेत्र की परीधि में
-90 किलोमीटर दूरी है डिस्कॉम कार्यालय नाचना की

परेशानी यह भी
नोख जीएसएस क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ साथ अब कृषि कनेक्शन भी बढ़ रहे हैं। वहीं क्षेत्र में आने वाले दिनों में करीब 925 मेगावाट के सोलर प्लांट लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है । ऐसे में इन सभी क्षेत्रों में दिनों दिन विधुत संबंधी कार्य बढते जा रहे हैं, लेकिन डिस्कॉम की ओर से पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। उधर, नोख के उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए यहां से 90 किमी दूर नाचना जाना पड़ता है।
एफआरटी सिस्टम का हाल बेहाल
हाल में ही डिस्कॉम की ओर से फॉल्ट या विद्युत व्यवधान होने पर उसे सुधारने के लिए एक टॉल फ्री नंबर की सुविधा शुरू की है, लेकिन नोख क्षेत्र में यह सुविधा कारगर साबित नहीं हो पा रही है। सम्पूर्ण नाचना क्षेत्र में इस एफआरटी योजना के तहत केवल एक ही टीम मौजूद है और वो भी नाचना में ही रहती है । ऐसे में नाचना डिस्कॉम कार्यालय के अन्तर्गत आने वाले सभी बिजलीघरों के इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता, नहरी क्षेत्र में ट्यूबवेल व सिंचाई की डिग्गियों के कनेक्शनों पर केवल एक एफआरटी की टीम नाकाफी साबित हो रही है । ऐसे में नोख जैसे करीब 90 से 100 किमी दूरी के क्षेत्र में लोगों को लम्बे समय तक इसकी सुविधा के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ता है।