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छह घंटे तक ‘लापता’ रही बिजली, जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी

जैसलमेर शहर में शनिवार सुबह अघोषित रूप से की गई लम्बी बिजली की कटौती से शहरवासी हैरान-परेशान हो गए। इस कटौती के बारे में पूर्व में जानकारी नहीं दिए जाने से लोग जरूरी इंतजाम नहीं कर सके और कई लोगों को अलग-अलग तरह की परेशानियों से रूबरू होना पड़ा।

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जैसलमेर शहर में शनिवार सुबह अघोषित रूप से की गई लम्बी बिजली की कटौती से शहरवासी हैरान-परेशान हो गए। इस कटौती के बारे में पूर्व में जानकारी नहीं दिए जाने से लोग जरूरी इंतजाम नहीं कर सके और कई लोगों को अलग-अलग तरह की परेशानियों से रूबरू होना पड़ा। जानकारी के अनुसार 132 केवी जीएसएस पर दिवाली मेंटिनेंस के नाम पर शटडाउन किया गया। यह शटडाउन एक साथ छह घंटे की लम्बी अवधि का होने से शहरी उपभोक्ताओं के गर्मी के मौसम में बुरे हाल हो गए। बताया जाता है कि इस शटडाउन के बारे में डिस्कॉम को भी अवगत नहीं करवाया गया था। सुबह से दोपहर बाद तक चली अघोषित कटौती के चलते घरों व प्रतिष्ठानों में लगे इनवर्टर की बैटरी भी जवाब दे गई। पहले से पता नहीं होने के कारण शहरी उपभोक्ताओं ने डिस्कॉम के जिम्मेदारों को फोन कर बिजली के लौटने की जानकारी लेनी चाही तो उन्हें जवाब नहीं मिल सका। जिम्मेदारों के मोबाइल स्विच ऑफ आने की शिकायत भी उपभोक्ताओं ने की। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी शहरवासियों ने कई घंटों की लम्बी विद्युत कटौती को लेकर संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

पेश आई कई परेशानियां

बिजली की लम्बी अवधि की अघोषित कटौती के चलते तेज गर्मी के मौसम में लोगों को बिना पंखे, कूलर व एयरकंडीशनर के समय व्यतीत करना भारी पड़ गया। इसके अलावा उन्हें मोबाइल तक चार्ज करने में परेशानी पेश आई। वे बार-बार डिस्कॉम के जिम्मेदारों से लेकर संबंधित पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधियों से बिजली के लौटने की जानकारी जुटाते दिखाई दिए। बिजली पर आधारित काम धंधे बिजली व्यवस्था के चौपट होने से व्यापारियों व दुकानदारों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। ऐसे ही होटल-रेस्टोरेंट संचालकों आदि को जनरेटर चला कर विद्युत की व्यवस्था करने पर विवश होना पड़ा। बिजली कटौती की पहले से सूचना नहीं होने के कारण घरों में छतों पर रखी टंकियों में मोटर चलाकर पानी नहीं चढ़ा सके और लोगों को इस कारण नित्यकर्म करने में भी काफी परेशानी पेश आई।