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नवीन तकनीकों के प्रयोग से छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने पर दिया बल

-सीएसआर-ज्ञान संकल्प पोर्टल से विद्यालय विकास कार्यशाला का समापन

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नवीन तकनीकों के प्रयोग से छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने पर दिया बल

नवीन तकनीकों के प्रयोग से छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने पर दिया बल

जैसलमेर. जिले में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी आरके बैरवा के मुख्य आतिथ्य एवं सहायक निदेशक सीएसआर दिलीप परिहार, विशिष्ट अतिथि जगदीश कुमार सहायक निदेशक समग्र शिक्षा प्रभुराम राठौड़ की अध्यक्षता में मां सरस्वती के पूजन की ओर से विधिवत कार्यशाला का प्रारंभ किया गया। यह कार्यशाला सीएसआर-ज्ञान संकल्प पोर्टल के केआरपी की एक दिवसीय कार्यशाला स्थानीय डाइट जैसलमेर में विद्यालयों के भौतिक विकास के लिए जिले में कार्यरत औद्योगिक घरानों, कम्पनियों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, भामाशाहों से आर्थिक सहयोग प्राप्त कर शैक्षिक विकास विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को जुटाने, इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बनाने, नवीन तकनीकों के प्रयोग से छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में एसीबीईओ पोकरण विष्णु कुमार छंगाणी ने पोकरण क्षेत्र में विद्यालयों में आवष्यकताओं के बारे में तथा क्षेत्र में प्राप्त औद्योगिक प्रतिष्ठानों, भामाशाहों के सहयोग की जानकारी दी। एसीबीईओ जैसलमेर करणदान रतनू ने ब्लॉक जैसलमेर में विगत तीन सालों में और इससे पूर्व प्राप्त सहयोग एवं पीईईओ क्षेत्र जैसलमेर द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी। ब्लॉक सम केआरपी भवानीशंकर भार्गव द्वारा ब्लॉक सम की समीक्षा एवं किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी गई। सहायक निदेशक प्रभुराम राठौड़ ने स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत पश्चिमी क्षेत्र जैसलमेर में शैक्षिक विकास के लिए जन-सहयोग द्वारा एसबीके कोठारी राजकीय महाविद्यालय एवं किशनीदेवी मगनीराम मोहता राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसलमेर की स्थापना जन सहयोग द्वारा पूर्व में किए गए प्रयास से शैक्षिक विकास की अवधारणा को गति देने में एक मील का पत्थर बताया। इन्ही से प्रेरणा ग्रहण कर विद्यालयों के विकास को गति देने को कहा। इस अवसर पर सहायक निदेशक सीएसआर द्वारा सभी केआरपी को स्मार्ट क्लास रूम द्वारा प्रषिक्षण देेते हुए समूचे राजस्थान में किए गए प्रयासों को संक्षिप्त डाक्यूमेन्ट्री के माध्यम से बताया। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत पूर्व विद्यार्थियों के सहयोग से व्यवस्थाओं को जुटाने को कहा, वहीं एक निष्चित कार्य योजना बनाकर प्रोजेक्ट के माध्यम से औद्योगिक संस्थानों से प्राप्त सीएसआर मद का समुचित उपयोग किस प्रकार से हो इस बारे में समझाया। कार्यक्रम अधिकारी नरेश केवलिया ने सभी केआरपी को फील्ड में कार्य करने की योजना पर प्रकाश डाला। सहायक परियोजना समन्वयक भेराराम ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर डाइट के उपप्रधानाचार्य महेश बिस्सा, वरिष्ठ व्याख्याता उगमदान बारहट, अशोक ईणखिया, ईश्वरसिंह, गोविन्दराम गर्ग, राजेश शर्मा उपस्थित रहे।