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शीश भले ही कट जाए पर गाय माता नहीं कटने देंगे: साध्वी कपिला दीदी

शीश भले ही कट जाए पर गाय माता नहीं कटने देंगे: साध्वी कपिला दीदीÓ
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 31 Aug 2021, 9:22 PM IST

शीश भले ही कट जाए पर गाय माता नहीं कटने देंगे: साध्वी कपिला दीदी

शीश भले ही कट जाए पर गाय माता नहीं कटने देंगे: साध्वी कपिला दीदी

जैसलमेर. देवीकोट क्षेत्र में सात दिवसीय गौकृपा कथा महोत्सव के समापन पर गो संत साध्वी कपिला दीदी ने प्रवचन देते हुए कहा कि विश्व में हिंदुओं का एक मात्र स्थान भारत देश हैं, जहां गाय माता यहां के वासियों के जीवन का मूल आधार है। उस देश में जहां कभी गोघृत व गो दूध की नदियां बहती थी वहां गाय माता का कत्ल कर मांस का निर्यात किया जाता है। भारत जैसे देश में अंग्रेजों ने अपने 200 साल के शासन में 300 कत्ल खाने खोले और देश आजाद होने से लेकर पिछले 75 वर्ष में इन काले अंग्रेजों ने सनातन संस्कृति का विनाश करते हुए 4000 के लगभग कत्ल खाने खोले। साध्वी ने बताया कि भारत भूमि पर जिस प्रदेश में जहां-जहां गौमाता कम हुई वहां विनाशएबीमारीएअतिव्रष्टि के साथ वह प्रदेश देश के अन्य भाग से कट चुका है। केरल व दक्षिण भारत इसके उदाहरण है। उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर कटाक्ष करते हुए गुरुकुल की शिक्षा को महान बताया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा नीति में बदलाव कर शिक्षा को धर्म से जोडऩे की बात कही। गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाया था व गोमाताओं की रक्षा की थी, तभी इंद्र भगवान ने कृष्ण भगवान का नाम गोविन्द दिया। उन्होंने बताया कि देश की आज़ादी की शुरुआत गो माता के कारण ही हुई। देश को आज़ादी के प्रथम नायक मंगल पांडे ब्राह्मण थे। उन्होंने गोमाता के चमड़े से बनी बंदूक की गोली के कारण गोमाता के कष्ट को महसूस करते हुए अंग्रेजों की सेना के लेफ्टण्ह्यूम व कर्नल बग को उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा करने के लिए यहां से प्रण लेना होगा कि 'एक गोमाता की सार संभाल मैं करूंगा।Ó इस अवसर पर सेवा भारती के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ दाऊलाल शर्मा, आदर्श शिक्षण संस्थान के जिलाध्यक्ष मांगीलाल टावरी, डॉ. उमेश वारंगटीवार, हनुमान गर्ग, अमरसिंह, सवाईदान सिरुआ, खेमाराम छोड़, अशोक शेरा, नरपतसिंह राजपुरोहित आदि मौजूद थे।