11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बांग्लादेश में हो रही घटनाओं को लेकर जताया रोष, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीडऩ और उनके धर्म परिवर्तन की घटनाओं के खिलाफ जैसलमेर में सर्व हिंदू समाज के सेवानिवृत्त अधिकारियों व अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट में विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

less than 1 minute read
Google source verification
jsm news

पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीडऩ और उनके धर्म परिवर्तन की घटनाओं के खिलाफ जैसलमेर में सर्व हिंदू समाज के सेवानिवृत्त अधिकारियों व अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट में विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। उनकी ओर से मांग की गई है कि बांग्लादेश की घटनाओं के बारे में भारत सहित समूचा विश्व संज्ञान ले और उनकी प्रभावी रोकथाम करवाए। सेवानिवृत्त कॉलेज व्याख्याता लक्ष्मीनारायण नागौरी ने बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के तख्ता पलट के बाद हिंसात्मक हमले किए जा रहे हैं। उनके धार्मिक स्थल तोड़े जा रहे हैं, महिलाओं के प्रति घृणित अपराध व निर्दोष हिंदुओं की गिरफ्तारियां की जा रही है। उन्हें अपनी नौकरी व व्यवसाय छोडकऱ बांग्लादेश छोडऩे के लिए मजबूर किया जा रहा है। बांग्लादेश की वर्तमान सरकार हिंसा को रोकने के लिए गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।

बांग्लादेश पर बनाएं दबाव

ज्ञापन में कहा गया कि देश का समस्त हिंदू समुदाय मांग करता है कि भारत सहित विश्व समुदाय इन सब घटनाओं को संज्ञान में ले और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए कि वह हिंदुओं पर हो रहे उत्पीडऩ को तुरंत प्रभाव से रोके। इसके साथ ही वहां गिरफ्तार किए गए इस्कॉन के मुख्य पुजारी चिन्मयदास कृष्णदास प्रभु को तुरंत रिहा किया जाए और बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में डॉ. दाऊलाल शर्मा, छुगसिंह सोढ़ा, कर्नल भीम सिंह, जीतसिंह, राजेंद्र शर्मा, वैद्य गजेंद्र शर्मा, डॉ. जेआर पंवार, सुजानाराम प्रजापत, आईदान सिंह, मोहनलाल पुरोहित, दलपत सिंह, बंसीलाल सोनी, बृजमोहन रामदेव, पुरुषोत्तम बिस्सा, घनश्याम गोस्वामी, कमल किशोर व्यास, विजयसिंह जैन, केआर गर्ग, नेमीचंद जैन, आमसिंह, मीठालाल व्यास, महेंद्र बिस्सा एवं अमृतलाल दैया शामिल रहे।