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शिक्षा-चिकित्सा पर हो नजरें इनायत, पर्यटन को मिले प्रोत्साहन

-बजट में उम्मीदें पूरी हों तो जिले के विकास को लगेंगे नए पंख-सरहद से सटे जिले के बाशिंदों को अंतिम बजट से उम्मीदें अपार

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शिक्षा-चिकित्सा पर हो नजरें इनायत, पर्यटन को मिले प्रोत्साहन

शिक्षा-चिकित्सा पर हो नजरें इनायत, पर्यटन को मिले प्रोत्साहन

जैसलमेर. प्रदेश में सत्तासीन अशोक गहलोत सरकार का अंतिम बजट शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। बचत, राहत व बढ़त स्लोगन के साथ आगामी बजट को प्रचारित किया जा रहा है। सरहद से सटे जैसलमेर जिले की भी इस बजट को लेकर कई उम्मीदें है। स्थानीय बाशिंदों को उम्मीद है कि बजट के पिटारे से जैसलमेर जिले के लिए भी नई घोषणाएं होगी। पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा के साथ ही पर्यटन व्यवसाय, रोजगार के अवसर बढ़ानेे को लेकर घोषणाओं का भी जिले के निवासियों को इंतजार है।

पूरा हो मेडिकल कॉलेज का सपना
केंद्र और राज्य सरकार ने जैसलमेर जैसे पिछड़े जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का बहुत बड़ा फैसला लिया हुआ है। साल 2019 में लिए गए इस फैसले का धरातल पर उतरने की हर किसी को इंतजार है। इसके लिए 350 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। 150 बीघा जमीन भी रामगढ़ मार्ग पर आवंटित की हुई है। नए बजट में इसको लेकर कोई बड़ा निर्णय लिए जाने की दरकार है।

पूरा हो टाउन हॉल
- जैसलमेर शहर में डेडानसर मैदान के एक हिस्से में टाउन हॉल का निर्माण आठ साल पूर्व शुरू हुआ था और आज तक यह विभिन्न कारणों से अधूरा है। पिछले बजट के समय मुख्यमंत्री ने बचे हुए कार्य के लिए 16 करोड़ की राशि का भी प्रावधान किया। उम्मीद कर सकते हैं कि साल 2023 में जैसलमेर के लोगों को यह सौगात मिले और बजट में भी इसको लेकर कुछ और प्रावधान रखा जाए।

गति पकड़े बॉर्डर ट्यूरिज्म
जैसलमेर के पर्यटन विकास में बॉर्डर ट्यूरिज्म अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। तनोट तथा बबलियानवाला पोस्ट पर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। सम क्षेत्र में बीएसएफ का थीम पार्क शुरू हो गया है। बजट में बॉर्डर ट्यूरिज्म को प्रोत्साहित करने की उम्मीद जताई जा रही है।

शहर से सरहद तक हर कंठ हो तर
बजट में सरहदी जिले की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक पेयजल को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाने की 145 करोड़ 89 लाख रुपए की योजना को मंजूरी मिली है। इससे 60 गांवों के 3843 घरों को नल कनेक्शन जारी किए जाने का लक्ष्य है। आगामी बजट में इसको लेकर और सुखद घोषणाएं होने की उम्मीद जिले के बाशिंदे संजोए हैं।

साइबर अपराधों की रोकथाम
बढ़ते साइबर अपराधों की चपेट में सीमांत जिला भी आया हुआ है। सरकार ने साइबर थाना तो यहां शुरू करवा दिया है, लेकिन अभी आधारभूत ढांचा बनाना शेष है। आशा की जा सकती है कि बजट 2023 में इस संबंध में प्रावधान होंगे और यह थाना पूरी तरह से कार्य करने में सक्षम होगा।

सीमेंट उद्योग से रोजगार
जिले के पारेवर गांव क्षेत्र में सीमेंट उद्योग की स्थापना के लिए जमीन आवंटन से लेकर सरकार की मंजूरी का कार्य पूरा हो गया है। सीमेंट कारखाने खुलने से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

मिले खेती की जमीन
देश के सबसे बड़े भूभाग वाले जिलों में शामिल जैसलमेर जिले के बाशिंदे खेती-बाड़ी के लिए बारानी व नहरी भूमि आवंटन की बाट जोह रहे हैं। इस साल उन्हें जमीन का हक मिल सकता है।

सरहदी जिले में फैले शिक्षा का उजियारा
जिले में राजकीय स्कूलों व कॉलेजों में शिक्षकों के 30 से लेकर 80 प्रतिशत तक पद रिक्त चल रहे हैं। नए साल में शिक्षकों की पूर्ति होने की उम्मीद जिलावासी कर रहे हैं, ताकि उनके बच्चों को पढऩे की पूरी सुविधा मिले। नए बजट में नई भर्ती से इस संबंध में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

चिकित्सा केंद्रों में मिले पूरा इलाज
जिला चिकित्सालय, पोकरण शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित चिकित्सा केंद्रों में चिकित्सकों व अन्य चिकित्साकर्मियों के रिक्त पदों के संकट से बजट घोषणा के बाद निजात मिलने की आशा की जा रही है।

पशुधन की संभाल
ैजैसलमेर जिले की अर्थव्यवस्था पशुधन पर आधारित मानी जाती है। यहां जिला मुख्यालय से लेकर गांवों में पशुओं की चिकित्सा के लिए पूरी सुविधा मिलने की उम्मीद भी बजट से लगाई जा रही है।

ट्रॉमा सेंटर शुरू हो
पोकरण में 3 वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने ट्रॉमा सेंटर की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक जमीन आवंटन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बजट में चिकित्सा सुविधाओं के गुणात्मक रूप से बेहतर बनाने की दरकार है।

उपजिला चिकित्सालय
पोकरण के राजकीय उप जिला चिकित्सालय के नए भवन को लेकर जमीन आवंटन कर दी गई है तथा धन राशि भी आवंटित हो चुकी है। बजट को लेकर उम्मीद है कि इस संबंध में कार्य शुरू हो सकेगा।

कॉलेज भवनों का इंतजार खत्म हो
पोकरण में कृषि महाविद्यालय व क्षेत्र के सांकड़ा गांव में राजकीय महाविद्यालय के भवनों का अभी तक इंतजार बना हुआ है। पोकरण में कृषि महाविद्यालय का संचालन शुरू नहीं हुआ है। बजट घोषणा में इन भवनों के धरातल पर उतरने की उम्मीद है।

तालाबों का सौंदर्यीकरण
जैसलमेर के गड़ीसर, पोकरण के सालमसागर तालाब व रामदेवसर तालाबों के सौंदर्यीकरण को लेकर सरकारी स्तर पर बहुतेरी बातें हुई हैं। बजट भी आवंटित हो चुका है। अब बजट को लेकर उम्मीद है कि इन पेयजल स्रोतों की सेहत सुधरेगी व सूरत संवरेगी।